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ॐ भक्ताधीनाय नमः

भक्ताधीनः

Bhaktādhīnaḥ

Root: bhakta + adhīna

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one who is under the devotee's sway, who willingly becomes subject to the power of genuine devotion

भक्त के अधीन, जो सच्ची भक्ति की शक्ति के वशीभूत होने को स्वेच्छा से स्वीकार करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

भक्त

devotee

भक्त

अधीन

subject to, under the control of

अधीन, वश में

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भक्ताधीन छठी श्रृंखला को भारतीय भक्ति परम्परा के सबसे आध्यात्मिक रूप से सुन्दर विरोधाभासों में से एक के साथ बन्द करता है: सर्वशक्तिमान त्रिमूर्ति अपने भक्त के प्रेम के अधीन हो जाता है। यह कमज़ोरी नहीं बल्कि दिव्य स्वतन्त्रता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है: केवल वही जो पूरी तरह स्वतन्त्र है, बँधने का चुनाव कर सकता है। भागवत पुराण (9.4.63) में जहाँ विष्णु दुर्वासा को बताते हैं: 'मैं अपने भक्तों द्वारा पूरी तरह नियन्त्रित हूँ।' दत्त परम्परा में यह गुरु चरित्र के अनगिनत विवरणों में प्रकट होता है जहाँ नृसिंह सरस्वती सब कुछ छोड़कर संकट में एक सच्चे भक्त को बचाने के लिए शारीरिक रूप में प्रकट हुए। भक्ताधीन वह नाम है जो इस सर्वोच्च कृपा का नाम देता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when the heart's love for Dattatreya is so full it seems to move the deity himself, or when reflecting on the paradox that the infinite becomes finite by becoming the devotee's own beloved.

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