ॐ ऋतम्भराय नमः
ऋतम्भरः
Ṛtambharaḥ
Root: ṛta + ambhara
अर्थ
The bearer of cosmic truth, in whom the eternal cosmic order (rita) is carried as the living substance of his being
ब्रह्माण्डीय सत्य का वाहक, जिनके अस्तित्व के जीवन्त पदार्थ के रूप में शाश्वत ब्रह्माण्डीय व्यवस्था (ऋत) वहन की जाती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
ऋत
cosmic truth, the eternal order
ऋत, ब्रह्माण्डीय सत्य
अम्भर
bearer, sky, the supporting
वाहक, आकाश
आधुनिक संदर्भ
ऋतम्भर दत्तात्रेय को ऋत के वाहक नाम देता है, ब्रह्माण्डीय सत्य और व्यवस्था की वैदिक अवधारणा। 'ऋत' भारतीय चिन्तन की सबसे पुरानी अवधारणाओं में से एक है, जो ऋग्वेद में सत्य और अधिकार के ब्रह्माण्डीय सिद्धान्त के रूप में प्रकट होती है जो सूर्य की गतिविधियों और मौसमों को नियन्त्रित करती है। योग सूत्र (1.48) में जागरूकता की उच्चतम अवस्था को 'ऋतम्भरा प्रज्ञा' (सत्य-वाहक बुद्धि) कहा जाता है। दत्तात्रेय की निरन्तर अवस्था यही ऋतम्भरा प्रज्ञा है।
कब जपें
ॐChant when aligning with cosmic truth and dharmic order, or when seeking the stability of rita as the foundation for all action.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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