ॐ विश्वपादाय नमः
विश्वपादः
Viśvapādaḥ
Root: viśva + pāda
अर्थ
The universal-footed one, who walks through the entire universe as if every path in every world is a step in his eternal wandering
विश्व-पाद वाले, जो समस्त ब्रह्माण्ड में ऐसे चलते हैं जैसे हर लोक में हर रास्ता उनके शाश्वत भ्रमण में एक कदम हो
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विश्व
universe
विश्व
पाद
foot, step, path
पाद, पैर
आधुनिक संदर्भ
विश्वपाद दत्तात्रेय को विश्व-पाद वाले नाम देता है। वह अवधूत जो शाश्वत रूप से भ्रमण करता है इस विश्वपाद गुण की मानवीय-स्तर की अभिव्यक्ति है। भारत की पदयात्रा परम्परा में पण्ढरपुर की वार्षिक वारी से हिमालयी पदयात्राओं तक, चलने का कार्य स्वयं पवित्र बन जाता है। तिरुमाला की पहाड़ियाँ जिन पर तीर्थयात्री नंगे पैर चढ़ते हैं वे विश्वपाद दत्तात्रेय के कदम हैं।
कब जपें
ॐChant when recognising that every pilgrimage is a step in Dattatreya's own cosmic walking, or when the act of walking itself becomes a form of devotion.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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