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ॐ कलिकालप्रबोधकाय नमः

कलिकालप्रबोधकः

Kalikālaprabodhakaḥ

Root: kali + kāla + prabodhaka

Wisdom·ज्ञान
Meaning

अर्थ

The awakener in the age of Kali, the illuminator who brings spiritual awakening precisely when darkness is deepest

कलियुग में जागृत करने वाले, वह प्रकाशक जो अंधकार के सबसे गहरे समय में आध्यात्मिक जागृति लाते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

कलि

Kali Yuga, the current age of strife

कलियुग, वर्तमान कलह-युग

काल

time, age

काल, युग

प्रबोधक

awakener, illuminator

प्रबोधक, जागृत करने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

कलिकालप्रबोधक समकालीन भक्तों के लिए सबसे तत्काल प्रासंगिक नामों में से एक है। कलियुग कलह, नैतिक भ्रम और आध्यात्मिक विस्मृति का युग है। पुराण विभिन्न युगों के लिए विभिन्न साधनाएँ निर्धारित करते हैं, और कलियुग के लिए सबसे सरल और प्रभावशाली नाम-जप (दिव्य नामों का जप) है। दत्तात्रेय कलियुग में विशेष रूप से शुभ हैं क्योंकि उनकी कृपा के लिए कोई कर्मकाण्डीय शुद्धता, कोई विस्तृत समारोह, कोई विशेष जाति या लिंग नहीं चाहिए: केवल सच्चा पुकारना। 20वीं शताब्दी में महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र में दत्त भक्ति का विस्फोट ठीक यही कलिकाल-प्रबोधक कार्य है।

When to Chant

कब जपें

Chant during personal or societal crisis, when spiritual darkness seems overwhelming, or to invoke Dattatreya's special grace that is said to be most accessible in Kali Yuga.

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