ॐ सर्वव्यापकचैतन्याय नमः
सर्वव्यापकचैतन्यः
Sarvavyāpakacaitanyaḥ
Root: sarva + vyāpaka + caitanya
अर्थ
The all-pervading consciousness, the awareness that saturates every particle of existence as the living intelligence that animates all without exception
सर्वव्यापक चैतन्य, वह जागरूकता जो अस्तित्व के हर कण को उस जीवन्त बुद्धि के रूप में संतृप्त करती है जो बिना किसी अपवाद के सभी को जीवित करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
व्यापक
all-pervading
व्यापक
चैतन्य
consciousness, awareness
चैतन्य
आधुनिक संदर्भ
सर्वव्यापकचैतन्य दत्तात्रेय को सर्वव्यापक (सर्वव्यापक) चेतना (चैतन्य) नाम देता है। यह सहस्रनाम में सबसे पूर्ण चेतना-घोषणा है। भारत की सर्वचेतना दार्शनिक परम्पराओं में सर्वव्यापकचैतन्य आधिभौतिक वास्तविकता का वर्णन करती है। भारत की सभी प्रकृति के प्रति श्रद्धा का आधार यही है।
कब जपें
ॐChant when recognising that the consciousness animating one's own awareness is the same all-pervading consciousness that is Dattatreya.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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