ॐ सर्वपापक्षयकराय नमः
सर्वपापक्षयकर
Sarvapāpakṣayakarāya
Root: sarva (all) + pāpa (sin) + kṣaya (destruction, decay) + kara (maker)
अर्थ
The maker of complete destruction and decay of all accumulated sins
सम्पूर्ण पापों का क्षय (विनाश) करने वाले, हर पाप को गलाकर नष्ट करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
पाप
sin
पाप
क्षय
destruction, decay
क्षय, नाश
कर
maker
करने वाला
आधुनिक संदर्भ
गंगा स्नान, एकादशी व्रत, और हनुमान जप तीनों पाप-क्षय करते हैं। सर्वपापक्षयकर हनुमान accumulated sins (संचित पाप) को decay (क्षय) कराते हैं, जैसे acid पत्थर को गलाता है। जब अतीत के गलत कर्मों का बोझ सताये, guilt overwhelm करे, या regret दिल पर भारी हो, यह नाम पाप-क्षय का divine process शुरू करता है। कुम्भ स्नान या गंगा-दशहरा पर विशेष जप करें।
कब जपें
ॐChant during Kumbh snan, Ganga Dussehra, or when guilt from past actions needs divine dissolution. Effective during evening self-examination and repentance.
और मोक्ष नाम
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