ॐ सर्वलोकैकदीपकाय नमः
सर्वलोकैकदीपक
Sarvalokaika dīpakāya
Root: sarva (all) + loka (world) + eka (sole) + dīpaka (lamp, illuminator)
अर्थ
The sole lamp and illuminator lighting all the worlds from darkness
सम्पूर्ण लोकों का एकमात्र दीपक, सब संसारों को अंधकार से प्रकाशित करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
लोक
world
लोक
एक
sole
एकमात्र
दीपक
lamp, illuminator
दीपक, दिया
आधुनिक संदर्भ
दीपक (lamp) अंधेरे का शत्रु है। दीपावली जब करोड़ों दीये जलते हैं, पूरा भारत एक दीपक बन जाता है। सर्वलोकैकदीपक हनुमान वह एक दीपक हैं जिनसे सारे दीये जलते हैं। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' (अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो) उपनिषद की प्रसिद्ध प्रार्थना इसी भाव से जुड़ती है। जब अंधेरा गहरा हो, एक दीपक काफी है, और वह दीपक हनुमान हैं।
कब जपें
ॐChant on Diwali, during evening diya-lighting, or when one divine lamp must illuminate the darkness that no other light can reach.
और सृष्टि नाम
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