ॐ पद्मरागशिलादर्शपरिभाविकपोलभुवे नमः
पद्मरागशिलादर्शपरिभाविकपोलभूः
Padmarāgaśilādarśaparibhāvikapolabhūḥ
Root: padmarāga + śilā + ādarśa + paribhāvi + kapola + bhūḥ
अर्थ
She whose cheeks surpass the lustre of padmaraga ruby mirrors
जिनके गालों की आभा पद्मराग मणि के दर्पण को भी लज्जित कर दे
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पद्मराग
ruby, padmaraga gem
पद्मराग मणि (माणिक्य)
शिला
stone, slab
पत्थर, शिला
आदर्श
mirror
दर्पण, आईना
परिभावि
surpassing, humbling
लज्जित करने वाली, मात देने वाली
कपोल
cheeks
गाल, कपोल
भूः
surface, region
प्रदेश, स्थल
आधुनिक संदर्भ
आयुर्वेद में चेहरे की चमक शरीर के भीतरी स्वास्थ्य का दर्पण मानी जाती है। जब तनाव और नींद की कमी से चेहरा मुरझाए, तो इस नाम का जाप करते हुए सोचें कि देवी की आभा भीतर से आती है। अच्छी नींद, सात्त्विक भोजन और नियमित पूजा, यही चेहरे की असली चमक का रहस्य है।
कब जपें
ॐChant during morning skincare routine as a form of mindful self-care, or during Ayurvedic wellness practices. Also during health-focused pujas.
और उपचार नाम
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