ॐ अघनाशनाय नमः
अघनाशनः
Aghanaśanaḥ
Root: agha + naśana
अर्थ
Destroyer of sin and evil, the divine power that dissolves accumulated karmic impurities and clears the path for the soul's natural luminosity to emerge
पाप और अघ का नाशक, वह दिव्य शक्ति जो संचित कार्मिक अशुद्धियों को विलीन करती है और आत्मा की स्वाभाविक दीप्ति को प्रकट होने का मार्ग साफ करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अघ
sin, moral evil, accumulated karmic impurity
अघ, पाप, संचित कार्मिक अशुद्धि
नाशन
destroyer, the one who annihilates
नाशक, विनाशकारी
आधुनिक संदर्भ
अघनाशन (पाप का नाशक) भारत की भक्ति संस्कृति में सबसे गहरी महसूस की जाने वाली आवश्यकताओं में से एक से बात करता है: नैतिक और कार्मिक शुद्धि की आवश्यकता। भारत की तीर्थ-यात्रा परंपरा काफी हद तक इसी सिद्धांत पर आधारित है: नदियों को अघ-नाशन माना जाता है क्योंकि वे शिव की पवित्र कृपा वहन करती हैं। कुम्भ मेले का महास्नान, हरिद्वार में एकादशी पर गंगा-स्नान: ये सभी मानवीय आवश्यकता की अभिव्यक्तियाँ हैं।
कब जपें
ॐChant for the removal of accumulated karmic burden, during prāyaścitta (expiation rituals), or whenever the weight of past actions creates a sense of obstruction.
और पवित्रता नाम
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