ॐ शिवानन्दाय नमः
शिवानन्दः
Śivānandaḥ
Root: śiva + ānanda
अर्थ
The bliss that is Shiva, whose very being is the inseparable unity of auspiciousness and beatitude, in whom joy is not an experience but the permanent ground of existence
शिव का आनन्द, जिनका अस्तित्व ही मंगलमयता और परमानन्द की अविभाज्य एकता है, जिनमें आनन्द एक अनुभव नहीं बल्कि अस्तित्व का स्थायी आधार है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
the auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
आनन्द
bliss, beatitude, supreme joy
आनन्द, परमसुख, चरम आनंद
आधुनिक संदर्भ
शिवानन्द शिव के सबसे व्यक्तिगत रूप से प्रत्यक्ष नामों में से एक है: यह किसी गुण या कार्य का वर्णन नहीं करता बल्कि दिव्य प्रकृति को आनन्द के रूप में पहचानता है। तैत्तिरीय उपनिषद का 'आनन्दं ब्रह्म' इसी की ओर संकेत करता है: परम केवल आनन्द से विशेषित नहीं है बल्कि आनन्द ही है। ऋषिकेश के स्वामी शिवानन्द (1887-1963) ने यही नाम चुना, जिनकी दिव्य जीवन सोसायटी ने भारत और विश्व में योग और वेदांत फैलाया।
कब जपें
ॐChant to invoke the quality of śivānanda: the natural bliss that is Shiva's own nature and the destination of every being that sincerely turns toward him.
और मोक्ष नाम
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