ॐ विश्वपालकाय नमः
विश्वपालकः
Viśvapālakaḥ
Root: viśva + pālaka
अर्थ
Protector of the universe, the cosmic guardian who watches over and sustains every world in existence with an attention that never wavers and a care that never diminishes
ब्रह्माण्ड के रक्षक, वह ब्रह्माण्डीय संरक्षक जो कभी न डगमगाने वाले ध्यान और कभी न घटने वाली देखभाल के साथ अस्तित्व में हर लोक की निगरानी और पालन करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विश्व
universe, all worlds, entire existence
विश्व, सभी लोक, सम्पूर्ण अस्तित्व
पालक
protector, guardian, nourisher, one who looks after
पालक, रक्षक, संरक्षक, देखभाल करने वाला
आधुनिक संदर्भ
विश्वपालक (ब्रह्माण्ड के रक्षक) बैच 4 का समापन नाम है, और इसका संरक्षक गुण इस खंड के विषयों को एक साथ बाँधता है। पालक (संरक्षक) कार्य शिव की भूमिका में सबसे कोमल रूप से व्यक्त होता है: आपद्बान्धव (संकट में मित्र), पीड़ितों के रक्षक। भारत की परंपरा कठिनाई में शिव की ओर मुड़ने की, सूखे में किसान से लेकर चिकित्सा संकट में परिवार तक, सभी विश्वपालक में विश्वास की अभिव्यक्ति है। प्रतिदिन भारत में लाखों बार जपा जाने वाला महामृत्युंजय मंत्र विश्वपालक का सबसे प्रत्यक्ष आह्वान है।
कब जपें
ॐChant as the closing name of this batch, where Viśvapālaka's universal guardianship frames the entire progression of names 301-330 as a meditation on Shiva's protective embrace of all existence.
और रक्षा नाम
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