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ॐ हिरण्यवर्णाय नमः

हिरण्यवर्णः

Hiraṇyavarṇaḥ

Root: hiraṇya + varṇa

Prosperity·समृद्धि
Meaning

अर्थ

Golden-complexioned, whose divine form sometimes radiates the burnished golden light of the sun, the colour of supreme grace made visible

सुवर्ण-वर्ण के, जिनका दिव्य रूप कभी-कभी सूर्य के चमकीले सुनहरे प्रकाश को विकिरण करता है, परम कृपा का रंग जो दृश्यमान होता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

हिरण्य

gold, golden, the lustrous precious metal

हिरण्य, सोना, चमकदार बहुमूल्य धातु

वर्ण

colour, complexion, lustre

वर्ण, रंग, आभा

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

हिरण्यवर्ण (सुवर्ण-वर्ण) इस सहस्रनाम में शिव के कई नामों में से एक है जो उन्हें सोने के संदर्भ में वर्णित करते हैं: हिरण्यबाहु (#50), हिरण्यद (#121)। सोने का समूह धर्मशास्त्रीय रूप से जानबूझकर है: यह सामान्य गलतफहमी को सुधारता है कि शिव केवल अंधकार, विनाश और त्याग से जुड़े हैं। श्री रुद्रम का आह्वान 'हिरण्यबाहवे नमः' इसी परंपरा से है। भारतीय विचार में सोना केवल एक कीमती धातु नहीं है बल्कि दिव्य प्रकाश की गुणवत्ता का सबसे करीबी भौतिक सन्निकटन है।

When to Chant

कब जपें

Chant to invoke Shiva's golden aspect, which corresponds to the solar and Śrī dimensions of his nature , the luminous grace-form that bestows auspiciousness and abundance.

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