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ॐ शिवार्चनप्रियाय नमः

शिवार्चनप्रियः

Śivārcanapriyaḥ

Root: śiva + arcana + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

Lover of Shiva's own worship, who takes delight in the pūjā and arcana offered to him with sincerity, making the act of worship itself a form of divine grace

शिव की अपनी पूजा के प्रेमी, जो ईमानदारी के साथ अर्पित पूजा और अर्चना में आनंद लेते हैं, पूजा के कार्य को ही दिव्य कृपा का एक रूप बनाते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शिव

auspicious, Shiva

शिव, मंगलमय

अर्चन

worship, ritual offering, veneration

अर्चन, पूजा, अर्पण

प्रिय

lover of, one who delights in

प्रिय, प्रेमी, जो आनंद लेता है

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शिवार्चनप्रिय (शिव की अपनी पूजा के प्रेमी) भक्ति के पारस्परिक आयाम को नामित करता है: देव का स्वयं पूजित होने में आनंद। यह धर्मशास्त्रीय रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह एक संभावित आपत्ति का उत्तर देता है: क्या एक अनंत दिव्य सत्ता वास्तव में मानव पूजा की आवश्यकता या आनंद लेती है? शैव उत्तर इस नाम के माध्यम से हाँ है। दक्षिण भारत की महान आगमिक मंदिर परंपरा, जहाँ चिदम्बरम में नटराज और मदुरई में मीनाक्षी जैसे मंदिरों में प्रतिदिन कई बार 64-चरणीय अर्चना अर्पित की जाती है, शिवार्चनप्रिय के निमंत्रण की सबसे निरंतर मानवीय अभिव्यक्ति है।

When to Chant

कब जपें

Chant during pūjā and arcana, affirming that the worship itself pleases Shiva and that in pleasing him the worshipper is simultaneously blessed.

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