ॐ सर्वमङ्गलमयाय नमः
सर्वमङ्गलमयः
Sarvamaṅgalamayaḥ
Root: sarva + maṅgala + maya
अर्थ
Consisting entirely of all-auspiciousness, whose very being is constituted of maṅgala , every cell, every quality, every expression of the divine is auspiciousness all the way through
समस्त-मंगलमयता से पूर्णतः निर्मित, जिनका अस्तित्व ही मंगल से निर्मित है , दिव्य की हर कोशिका, हर गुणवत्ता, हर अभिव्यक्ति पूरी तरह से मंगलमयता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, entire
सर्व, सम्पूर्ण
मङ्गल
auspiciousness, blessing
मंगल, शुभ
मय
made of, consisting entirely of
मय, से बना, से पूर्ण
आधुनिक संदर्भ
सर्वमंगलमय (पूर्णतः सम्पूर्ण-मंगलमयता से निर्मित) 550वाँ नाम है और एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है: यह सहस्रनाम के दूसरे भाग के मध्यबिंदु पर रखा गया है। माया प्रत्यय (से बना, से पूर्ण) सर्वमंगल के साथ मिलकर यह दावा बनाता है कि शिव का स्वयं पदार्थ मंगलमयता है। भारत की समग्र मंगलाचरण (शुभ आह्वान) परंपरा , हर शास्त्र, संगीत कार्यक्रम, सभा और घरेलू समारोह की प्रारम्भिक पंक्तियाँ , इसी पर आधारित है।
कब जपें
ॐChant as the 550th name milestone , Sarvamaṅgalamaya, 'made entirely of all-auspiciousness', the most complete expression of Shiva's fundamental nature at this midpoint of the second half.
और भक्ति नाम
← → arrow keys to navigate