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ॐ शिवानन्दस्वरूपाय नमः

शिवानन्दस्वरूपः

Śivānandasvarūpaḥ

Root: śiva + ānanda + svarūpa

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

Whose essential form is Shiva-bliss, whose svarūpa (true form, the form that is one's very own) is constituted of the inseparable unity of auspiciousness and beatitude

जिनका आवश्यक रूप शिव-आनन्द है, जिनका स्वरूप (सच्चा रूप, वह रूप जो अपना ही है) मंगलमयता और परमानन्द की अविभाज्य एकता से निर्मित है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शिव

auspicious, Shiva

शिव, मंगलमय

आनन्द

bliss, supreme joy

आनन्द, परमसुख

स्वरूप

essential form, one's very own form, the true nature

स्वरूप, सच्चा रूप, आवश्यक प्रकृति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शिवानन्दस्वरूप (जिनका आवश्यक रूप शिव-आनन्द है) चिदानन्दस्वरूप (#221) का निकट साथी है, जिसने शिव के आवश्यक रूप को चेतना-आनन्द (चित् + आनन्द) के रूप में नामित किया था। यहाँ स्वरूप विशेष रूप से शिवानन्द (मंगलमय आनन्द) है: केवल अमूर्त गुणवत्ता के रूप में आनन्द नहीं बल्कि विशेष रूप से मंगलमय, परोपकारी आनन्द। तमिल शैव परंपरा का शिवम् (परम शुद्ध आनन्द के रूप में) और वैष्णव सच्चिदानन्द दोनों इस नाम पर मिलते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant as a companion to Cidānandasvarūpa (#221), here affirming that Shiva's essential form is specifically śivānanda , the inseparable unity of auspiciousness and bliss.

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