ॐ शिवसखाय नमः
शिवसखः
Śivasakhaḥ
Root: śiva + sakha
अर्थ
Friend of Shiva, or Shiva-friend , the divine who takes the relationship of sakha (deep, equal, companionate friendship) with every devotee who opens to this intimacy
शिव के मित्र, या शिव-मित्र , वह दिव्य जो हर उस भक्त के साथ सखा (गहरी, समान, सहचर मित्रता) का संबंध लेते हैं जो इस अंतरंगता के लिए खुलता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
सख
friend, companion, intimate equal
सखा, मित्र, अंतरंग समान
आधुनिक संदर्भ
शिवसखा (शिव के मित्र) दिव्य के साथ सभी संभावित संबंधों में से सबसे अंतरंग में से एक को नामित करता है: सखा (सच, साथ होना से) वह सहचर मित्र है , वह जो आपके साथ है, जो साथ चलता है। भगवद्गीता में कृष्ण अक्सर अर्जुन को याद दिलाते हैं कि वे एक सखा (मित्र) के रूप में बोलते हैं। शिव शिवसखा के रूप में वह दिव्य हैं जो इसी अंतरंगता के साथ भक्त के साथ दोस्ती करते हैं। शिव की सबसे प्रिय कहानियाँ इसे चित्रित करती हैं: मार्कण्डेय को यम से बचाना, जेल में अप्पर को खाना खिलाने प्रकट होना, संत अक्का महादेवी के साथ उनकी भटकन में चलना।
कब जपें
ॐChant to invoke the sakha (friendship) dimension of the divine-human relationship , affirming that Shiva is not only the cosmic lord but the intimate friend who walks beside the devotee.
और प्रेम नाम
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