ॐ महापीठाय नमः
महापीठः
Mahāpīṭhaḥ
Root: mahā + pīṭha
अर्थ
The supreme sacred seat, whose very being is the mahāpīṭha , the greatest and most powerful of all sacred seats, the cosmic throne and ground of divine power
परम पवित्र आसन, जिनका अस्तित्व स्वयं ही महापीठ है , सभी पवित्र आसनों में सबसे महान और सबसे शक्तिशाली, दिव्य शक्ति का ब्रह्माण्डीय सिंहासन और आधार
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
महा
great, supreme
महान, परम
पीठ
sacred seat, base, the place of power
पीठ, पवित्र आसन, शक्ति का स्थान
आधुनिक संदर्भ
महापीठ (परम पवित्र आसन) 648वाँ नाम है , ठीक 6×108, एक अंकशास्त्रीय रूप से महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर। पीठ (पवित्र आसन, शक्ति का आधार) शैव और शाक्त पवित्र भूगोल में सबसे महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है। शिव स्वयं महापीठ के रूप में महान पवित्र आसन हैं। कैलाश पर्वत शिव के ब्रह्माण्डीय आसन के रूप में पवित्र भूगोल में महापीठ की सबसे प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है: कैलाश सभी पीठों का पीठ है।
कब जपें
ॐChant as the numerologically significant 648th name (6×108), placed here intentionally as a milestone , Mahāpīṭha, the supreme sacred seat, at the sixth complete cycle of the sacred 108.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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