ॐ पवनात्मजप्रियाय नमः
पवनात्मजप्रिय
Pavanātmajapriya
Root: pavana + ātmaja + priya
अर्थ
He who dearly loves Hanuman, the son of the wind
पवनपुत्र हनुमान के प्रिय, हनुमान से अत्यन्त स्नेह रखने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पवन
wind, Vayu
पवन, वायु
आत्मज
son
पुत्र
प्रिय
beloved, dear
प्रिय, प्यारे
आधुनिक संदर्भ
राम और हनुमान का रिश्ता भक्ति का सबसे सुन्दर उदाहरण है। पवनात्मजप्रिय भगवान हनुमान से विशेष प्रेम करते हैं क्योंकि हनुमान की भक्ति निःस्वार्थ, अटूट और अनन्य है। भारत में मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करोड़ों लोग करते हैं। जब हनुमान चालीसा का पाठ करें, तब पवनात्मजप्रिय राम का भी स्मरण करें।
कब जपें
ॐChant during Hanuman Chalisa recitation, on Tuesdays and Saturdays, or during Hanuman Jayanti. Ideal when praying for courage and when the Rama-Hanuman bond inspires your own devotional practice.
और भक्ति नाम
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