ॐ सर्वभक्तसुखप्रदाय नमः
सर्वभक्तसुखप्रद
Sarvabhaktasukhaprada
Root: sarva + bhakta + sukha + prada
अर्थ
The giver of happiness specifically to every sincere devotee
सम्पूर्ण भक्तों को सुख देने वाले, हर सच्चे भक्त को विशेष सुख प्रदान करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
भक्त
devotee
भक्त
सुख
happiness, joy
सुख, आनन्द
प्रद
giver
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
सर्वभक्तसुखप्रद — भक्तों को विशेष सुख। गीता कहती है 'तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्' — जो नित्य मुझसे जुड़े हैं उनका योगक्षेम मैं वहन करता हूँ। भक्तों को एक विशेष सुख मिलता है जो अभक्तों को नहीं — भगवान से जुड़ाव का सुख। जब पूजा के बाद अकारण खुशी हो, जब भजन में आँसू आएँ, जब दर्शन में रोमांच हो — वह भक्त-विशेष सुख है।
कब जपें
ॐChant during personal devotion, when bhakti-specific joy arises, or during Gita Chapter 9 study. Ideal during daily puja and when the unique joy of devotion needs celebrating.
और करुणा नाम
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