ॐ सर्वलोकसदात्मने नमः
सर्वलोकसदात्मा
Sarvalokasadātmā
Root: sarva + loka + sat + ātmā
अर्थ
The true and eternal self dwelling within every world
सम्पूर्ण लोकों का सत् (सच्चा/शाश्वत) आत्मा, हर संसार का अन्तर्वर्ती सत्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world
लोक
सत्
true, real, eternal
सत्, सच्चा, शाश्वत
आत्मा
self, soul
आत्मा
आधुनिक संदर्भ
सत्-आत्मा — सच्ची, शाश्वत आत्मा। सर्वलोकसदात्मा हर लोक की सच्ची आत्मा हैं — जो बदलता है वह असत् (अस्थायी), जो नहीं बदलता वह सत् (शाश्वत)। पृथ्वी का रूप बदलता है — ऋतुएँ, महाद्वीप, जलवायु — पर आत्मा नहीं बदलती। भगवान वही अपरिवर्तनीय सत्-आत्मा हैं। 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म' — सत्य, ज्ञान, अनन्त — ब्रह्म।
कब जपें
ॐChant during Vedantic meditation, when change overwhelms, or during Taittiriya Upanishad study. Ideal during transitions and when the unchanging truth needs anchoring.
और मोक्ष नाम
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