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ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः
क्षेत्रज्ञः
Kṣetrajñaḥ
Root: kṣetra + jña
Wisdom·ज्ञान
Meaning
अर्थ
The knower of the field of all bodies
जो शरीर रूपी क्षेत्र को जानने वाले हैं, देह में बैठे ज्ञाता
Word-by-Word Breakdown
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
क्षेत्र
field, body
शरीर, क्षेत्र
ज्ञ
knower
जानने वाला
Modern Context
आधुनिक संदर्भ
भगवद्गीता के तेरहवें अध्याय में कृष्ण अर्जुन को क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ का भेद समझाते हैं। जब किसी को गंभीर बीमारी होती है, तब शरीर (क्षेत्र) और उसमें बसी चेतना (क्षेत्रज्ञ) का अंतर समझ आता है। AIIMS या मेदान्ता में इलाज कराते हुए भी यह ज्ञान शांति देता है।
When to Chant
कब जपें
ॐChant while studying Bhagavad Gita Chapter 13, during health challenges, or as part of Jnana Yoga meditation practice.
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