ॐ प्रियकृते नमः
प्रियकृत्
Priyakṛt
Root: priya + kṛ
अर्थ
He who performs what is most dear and beneficial for devotees
जो भक्तों का सबसे प्रिय कार्य करते हैं, भक्तवत्सल
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्रिय
dear, beloved, pleasing
प्रिय, प्यारा
कृत्
doer, performer
करने वाले
आधुनिक संदर्भ
कृष्ण ने सुदामा के चिवड़े खाए और बदले में उसका पूरा जीवन बदल दिया। द्रौपदी की लाज बचाई, अर्जुन का सारथी बने। प्रियकृत् भगवान वो हैं जो भक्तों के लिए सबसे प्रिय काम करते हैं, बिना माँगे, बिना शर्त। जब किसी बच्चे की परीक्षा में अप्रत्याशित रूप से अच्छे नम्बर आ जाते हैं, या बेरोज़गार को अचानक नौकरी मिल जाती है, वो प्रियकृत् का कार्य है।
कब जपें
ॐChant when grateful for unexpected blessings, during Sudama Jayanti, when reflecting on divine grace in daily life, or when praying for a loved one's wellbeing.
और करुणा नाम
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