ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः
प्रीतिवर्धनः
Prītivardhanaḥ
Root: prīti + vardhana
अर्थ
He who increases the joy and love of all who worship Him
जो भक्तों की प्रीति (प्रेम और आनन्द) को बढ़ाते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्रीति
love, joy, delight, affection
प्रेम, आनन्द, प्रसन्नता
वर्धन
one who increases, enhancer
बढ़ाने वाले
आधुनिक संदर्भ
भजन गाते-गाते जब आँखों में आँसू आ जाते हैं, जब कीर्तन में पूरा मण्डल झूमने लगता है, जब दर्शन करते समय हृदय गद्गद हो जाता है, वो प्रीतिवर्धन भगवान का काम है। वो प्रेम को बढ़ाते हैं, सुखाते नहीं। ISKCON के हरे कृष्ण कीर्तन में जब भक्त नाचते हैं, वो प्रीतिवर्धन का सबसे जीवन्त दृश्य है।
कब जपें
ॐChant during kirtan, bhajan sessions, when love for God feels dry and needs rekindling, or when seeking to deepen emotional devotion (bhakti rasa).
और प्रेम नाम
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