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ॐ शुभाङ्गाय नमः

शुभाङ्गः

Śubhāṅgaḥ

Root: śubha + aṅga

Love·प्रेम
Meaning

अर्थ

He whose every limb radiates auspiciousness and beauty

जिनका हर अंग शुभ और सुन्दर है, मंगलमय शरीर वाले

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शुभ

auspicious, beautiful, fortunate

शुभ, सुन्दर, मंगलकारी

अङ्ग

limb, body part

अंग, शरीर का भाग

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भक्ति-काव्य में भगवान के अंग-अंग का शुभ वर्णन 'अंगद वर्णन' कहलाता है। सूरदास ने कृष्ण के चरणों से लेकर मुकुट तक हर अंग पर पद लिखे। तिरुप्पावै और दिव्यप्रबन्धम में आलवार सन्तों ने विष्णु के शुभांगों का मधुर वर्णन किया है। शुभांग भगवान वो हैं जिनका हर अंग दर्शनमात्र से शुभ फल देता है। मन्दिर में जब भक्त मूर्ति के चरण, नाभि, वक्ष और मुख पर दृष्टि ले जाता है, वो शुभांग-दर्शन कर रहा है।

When to Chant

कब जपें

Chant during murti darshan, when studying bhakti poetry, during shringar (decoration) of the Lord, or when meditating on the beauty of the divine form.

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