ॐ लोकसारङ्गाय नमः
लोकसारङ्गः
Lokasāraṅgaḥ
Root: loka + sāraṅga
अर्थ
He who extracts the essence of dharma from every world
जो प्रत्येक लोक से धर्म का सार (तत्व) निकालते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
लोक
world, realm, people
लोक, संसार
सारङ्ग
one who extracts the essence; also a bee, a deer
सार निकालने वाला; भ्रमर, मृग
आधुनिक संदर्भ
जैसे भौंरा (भ्रमर) हर फूल से शहद निकालता है वैसे ही लोकसारंग भगवान हर लोक से धर्म का सार ग्रहण करते हैं। भारतीय संस्कृति ने हमेशा दूसरी संस्कृतियों से अच्छी बातें सीखी हैं, ग्रीक खगोल विज्ञान, अरबी गणित, और आधुनिक विज्ञान को अपनाया। लोकसारंग वो विवेक है जो हर जगह से सार (best) निकाल ले और कचरा (worst) छोड़ दे।
कब जपें
ॐChant when learning from diverse sources, during cross-cultural experiences, when studying comparative philosophy, or when seeking discernment to separate essence from noise.
और ज्ञान नाम
← → arrow keys to navigate