ॐ सुरानन्दाय नमः
सुरानन्दः
Surānandaḥ
Root: sura + ānanda
अर्थ
He who is the source of bliss and delight for all the devas
देवताओं के आनन्द का स्रोत, सुरों को प्रसन्न करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सुर
devas, celestial beings
देवता
आनन्द
bliss, joy, delight
आनन्द, प्रसन्नता
आधुनिक संदर्भ
जब समुद्र मन्थन के बाद अमृत निकला और देवताओं ने पीया, तो उनका आनन्द अपार था। सुरानन्द भगवान देवताओं को ही नहीं, हर सच्चे भक्त को आनन्द देते हैं। भारत में 'आनन्द' सबसे लोकप्रिय नामों में से एक है: आनन्दमयी माँ, स्वामी आनन्द, सच्चिदानन्द। तैत्तिरीय उपनिषद कहता है 'आनन्दो ब्रह्मेति व्यजानात्,' आनन्द ही ब्रह्म है।
कब जपें
ॐChant when seeking joy, during Taittiriya Upanishad study, when the heart needs divine delight, or when bhakti fills you with inexplicable happiness.
और प्रेम नाम
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