ॐ हंसाय नमः
हंसः
Haṃsaḥ
Root: haṃsa
अर्थ
The divine swan who separates truth from illusion
दिव्य हंस, जो दूध से पानी अलग करने की तरह सत्य को माया से अलग करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
हंस
swan, the discriminating soul, the supreme Self
हंस, विवेकी आत्मा, परमात्मा
आधुनिक संदर्भ
भारतीय परम्परा में हंस वो पक्षी है जो दूध और पानी के मिश्रण में से दूध अलग कर लेता है। यह विवेक (discrimination) का प्रतीक है। सरस्वती का वाहन हंस है, परमहंस (जैसे रामकृष्ण परमहंस) सर्वोच्च सन्यासी उपाधि है। 'सोऽहं' (मैं वो हूँ) जप में 'सो-हं' उलटा करने पर 'हं-स' (हंस) बनता है। हंस भगवान वही विवेक हैं जो सत्य को असत्य से, नित्य को अनित्य से अलग करते हैं।
कब जपें
ॐChant during viveka meditation, when decisions require sharp discernment, on Saraswati Puja, or when studying Paramahamsa traditions.
और ज्ञान नाम
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