ॐ कृतज्ञाय नमः
कृतज्ञः
Kṛtajñaḥ
Root: kṛta + jña
अर्थ
He who gratefully remembers every act of devotion ever offered
जो भक्तों के हर समर्पण को कृतज्ञतापूर्वक याद रखते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
कृत
done, performed
किया गया
ज्ञ
knower, rememberer
जानने वाला, याद रखने वाला
आधुनिक संदर्भ
कृतज्ञ भगवान भक्तों का हर छोटा-बड़ा कर्म याद रखते हैं। शबरी के झूठे बेर राम ने खाए और कहा 'ये सबसे मीठे हैं।' विदुर की साग-सब्ज़ी कृष्ण ने दुर्योधन के भोज पर चुनी। कृतज्ञ का अर्थ 'grateful' (आभारी) भी है: भगवान भक्तों के प्रति आभारी रहते हैं! यह अद्भुत है: सर्वशक्तिमान भगवान अपने भक्तों का एक फूल भी कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार करते हैं।
कब जपें
ॐChant when your offerings feel small, during Shabari narrative, when gratitude flows both ways (devotee to God AND God to devotee), or when divine appreciation validates humble practice.
और करुणा नाम
← → arrow keys to navigate