ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः
पुण्डरीकाक्षः
Puṇḍarīkākṣaḥ
Root: puṇḍarīka + akṣa
अर्थ
The lotus-eyed lord whose gaze purifies and enchants every soul
कमल-नेत्र, जिनकी दृष्टि हर आत्मा को शुद्ध और मोहित करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुण्डरीक
white lotus
श्वेत कमल
अक्ष
eye
नेत्र
आधुनिक संदर्भ
पुण्डरीकाक्ष विष्णु का सबसे प्रसिद्ध नेत्र-सम्बन्धी नाम है। 'कमल-नयन' कृष्ण-भजनों में सबसे ज़्यादा गाया जाने वाला विशेषण है। सूरदास, जो स्वयं अंधे थे, ने कृष्ण की कमल-आँखों पर सैकड़ों पद लिखे, यह भक्ति का चमत्कार है। पुण्डरीकाक्ष भगवान की आँखें श्वेत कमल जैसी हैं: शुद्ध, खिली हुई, और हर भक्त को देख रही हैं। तिरुपति दर्शन का सबसे भावुक क्षण वो है जब भक्त बालाजी की कमल-आँखों की एक झलक पाता है।
कब जपें
ॐChant during darshan, when meditating on Vishnu's eyes, during Surdas bhajan sessions, when Tirupati memories bring tears, or when divine beauty centres on the Lord's lotus gaze.
और प्रेम नाम
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