ॐ वक्षस्थितश्रिये नमः
वक्षस्थितश्रीः
Vakṣasthitaśrīḥ
Root: vakṣas + sthita + śrī
अर्थ
He on whose chest Lakshmi eternally resides as His inseparable divine companion
जिनके वक्ष पर लक्ष्मी शाश्वत रूप से अविभाज्य दिव्य साथी के रूप में विराजती हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वक्षस्
chest
वक्ष
स्थित
established
स्थित
श्री
Lakshmi
लक्ष्मी
आधुनिक संदर्भ
वक्षस्थितश्री दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 740)। श्रीधर-वक्षस्थितश्री जोड़ी दोनों बार साथ आई है (739-740 और 919-920)। श्री को 'धारण' (hold) → श्री 'स्थित' (established): पकड़ना अस्थायी, स्थित होना स्थायी। लक्ष्मी कभी विष्णु का वक्ष नहीं छोड़तीं। दोनों बार जोड़ी = सबसे सुन्दर दाम्पत्य-रूपक, दो बार प्रमाणित।
कब जपें
ॐChant during weddings, on Karva Chauth, or when marital love mirrors Lakshmi-Vishnu's inseparable bond.
और प्रेम नाम
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