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ॐ भोक्त्रे नमः
भोक्ता
Bhoktā
Root: bhuj
Devotion·भक्ति
Meaning
अर्थ
The supreme experiencer who savours every offering with infinite divine relish
परम भोक्ता, जो हर अर्पण का अनन्त दिव्य आनन्द से स्वाद लेते हैं
Word-by-Word Breakdown
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भोक्ता
enjoyer, experiencer
भोगने वाले
Modern Context
आधुनिक संदर्भ
भोक्ता पाँचवीं बार आया है (पहले नाम 142, 403, 449, 753)। पाँच बार! भोक्ता अब सत्य (5x), ईश्वर (5x), और धाता (5x) के बराबर सहस्रनाम के शिखर-नामों में है। पाँच बार 'भगवान भोगते हैं' = भगवान उदासीन नहीं, सक्रिय रूप से भक्तों का अर्पण enjoy करते हैं। जगन्नाथ का महाप्रसाद, तिरुपति का लड्डू, और आपका सादा नैवेद्य, सब पाँच बार प्रमाणित भोक्ता ग्रहण करते हैं।
When to Chant
कब जपें
ॐChant while offering naivedya, when the five-fold Bhokta creates its strongest 'God enjoys' declaration.
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