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Chalisa

Tripura Sundari Chalisa

त्रिपुरा सुन्दरी चालीसा

The Tripura Sundari Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Tripura Sundari, also revered as Lalita, Shodashi, Rajarajeshwari, and the central Goddess of Shri Vidya, embodying beauty, wisdom, grace, harmony, and sovereign spiritual power. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Tripura_sundari
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Friday · Full moon day

त्रिपुरा सुन्दरी चालीसा माँ त्रिपुरा सुन्दरी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिन्हें ललिता, षोडशी, राजराजेश्वरी और श्रीविद्या की मुख्य देवी के रूप में पूजा जाता है। वे सौंदर्य, ज्ञान, कृपा, सामंजस्य और राजसी आध्यात्मिक शक्ति की प्रतीक हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

श्रीविद्या त्रिपुरा सुन्दरी, ललिता राजरानी। षोडशी मातु कृपा करो, दो शुभ बुद्धि सयानी॥

śrīvidyā tripurā sundarī, lalitā rājarānī. ṣoḍaśī mātu kṛpā karo, do śubha buddhi sayānī.

अर्थ

हे श्रीविद्या त्रिपुरा सुन्दरी, ललिता राजरानी और षोडशी माता, कृपा कर शुभ बुद्धि प्रदान करें।

Meaning

O Shri Vidya Tripura Sundari, graceful queen Lalita and Mother Shodashi, shower grace and grant auspicious wisdom.

chaupai
Verse 2

जय त्रिपुरा सुन्दरी माता। तीन लोक की तुम विधाता॥

जय त्रिपुरा सुन्दरी माता तीन लोक की तुम विधाता

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Tripura Sundari, Mother and sovereign power of the three worlds.

chaupai
Verse 3

ललिता अम्बा करुणा धारा। भक्तन जीवन करो उजियारा॥

ललिता अम्बा करुणा धारा भक्तन जीवन करो उजियारा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

O Lalita Amba, stream of compassion, illumine devotees’ lives.

chaupai
Verse 4

श्रीचक्र मध्य विराजत रानी। मंत्रमयी तुम महाविद्यानी॥

श्रीचक्र मध्य विराजत रानी मंत्रमयी तुम महाविद्यानी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You reign at the center of Shri Chakra, mantra-filled Mahavidya.

chaupai
Verse 5

पाश अंकुश धनु बाण धारी। काम कला की शक्ति तुम्हारी॥

पाश अंकुश धनु बाण धारी काम कला की शक्ति तुम्हारी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

With noose, goad, bow, and arrows, you hold the power of divine desire.

chaupai
Verse 6

कुसुम बाण मन प्रेम जगावै। अहं कठोरता तुरत पिघलावै॥

कुसुम बाण मन प्रेम जगावै अहं कठोरता तुरत पिघलावै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your flower-arrows awaken love and melt hard ego.

chaupai
Verse 7

सिंहासन पर शोभा भारी। चिदग्नि कुंड जन्मी प्यारी॥

सिंहासन पर शोभा भारी चिदग्नि कुंड जन्मी प्यारी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You shine on the throne, born from the fire of consciousness.

chaupai
Verse 8

कामेश्वर संग एक रूपा। शिव शक्ति की चेतन धूपा॥

कामेश्वर संग एक रूपा शिव शक्ति की चेतन धूपा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

United with Kameshvara, you are the living radiance of Shiva-Shakti.

chaupai
Verse 9

षोडशी रूप सदा सुहावन। पूर्ण चन्द्र सम ज्योति लुभावन॥

षोडशी रूप सदा सुहावन पूर्ण चन्द्र सम ज्योति लुभावन

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your Shodashi form is ever beautiful, radiant like the full moon.

chaupai
Verse 10

त्रिकोण पीठ रहस्य तुम्हारा। ब्रह्मविद्या का दीप अपारा॥

त्रिकोण पीठ रहस्य तुम्हारा ब्रह्मविद्या का दीप अपारा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your triangular seat holds the mystery of boundless Brahma-vidya.

chaupai
Verse 11

श्रीं ह्रीं क्लीं बीज तुम्हारे। साधक चित्त करो उजियारे॥

श्रीं ह्रीं क्लीं बीज तुम्हारे साधक चित्त करो उजियारे

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your seed sounds brighten the seeker’s mind.

chaupai
Verse 12

भंडासुर का नाश कराया। देवों को फिर सुख दिलवाया॥

भंडासुर का नाश कराया देवों को फिर सुख दिलवाया

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You destroyed Bhandasura and restored joy to the gods.

chaupai
Verse 13

सम्पत विद्या यश देने वाली। मधुर कृपा अमृत रस ढाली॥

सम्पत विद्या यश देने वाली मधुर कृपा अमृत रस ढाली

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You grant prosperity, knowledge, fame, and nectar-like grace.

chaupai
Verse 14

मन वांछित फल मातु दिलाओ। सत्पथ पर सब जन चलाओ॥

मन वांछित फल मातु दिलाओ सत्पथ पर सब जन चलाओ

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Grant worthy wishes and guide all toward the right path.

chaupai
Verse 15

श्रृंगार नहीं केवल माया। ज्ञान सुधा है रूप तुम्हारा॥

श्रृंगार नहीं केवल माया ज्ञान सुधा है रूप तुम्हारा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your beauty is not mere appearance; it is nectar of wisdom.

chaupai
Verse 16

मधुर वाणी हृदय में दीजै। कटुता सारे जग से लीजै॥

मधुर वाणी हृदय में दीजै कटुता सारे जग से लीजै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Place sweet speech in the heart and remove bitterness.

chaupai
Verse 17

राग द्वेष सब दूर भगाओ। समता का मधु मन बरसाओ॥

राग द्वेष सब दूर भगाओ समता का मधु मन बरसाओ

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Drive away attachment and aversion, and rain the nectar of balance.

chaupai
Verse 18

भक्त हृदय श्रीनगर बन जावै। जहँ तुम बैठो कृपा बरसावै॥

भक्त हृदय श्रीनगर बन जावै जहँ तुम बैठो कृपा बरसावै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

The devotee’s heart becomes Shrinagara where you sit and bless.

chaupai
Verse 19

माता तुम सौभाग्य प्रदानी। गृह में शांति सुख की रानी॥

माता तुम सौभाग्य प्रदानी गृह में शांति सुख की रानी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You grant fortune and bring peace and happiness to the home.

chaupai
Verse 20

कला संगीत काव्य सुधा दाओ। जीवन में लय प्रेम बसाओ॥

कला संगीत काव्य सुधा दाओ जीवन में लय प्रेम बसाओ

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Grant art, music, poetry, rhythm, and love in life.

chaupai
Verse 21

दृष्टि तुम्हारी पड़े जहाँ पर। शुभता जागे क्षण भर भीतर॥

दृष्टि तुम्हारी पड़े जहाँ पर शुभता जागे क्षण भर भीतर

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Where your glance falls, auspiciousness awakens instantly.

chaupai
Verse 22

ज्ञान भक्ति वैराग्य दिलाओ। संसृति बंधन दूर कराओ॥

ज्ञान भक्ति वैराग्य दिलाओ संसृति बंधन दूर कराओ

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Grant knowledge, devotion, detachment, and freedom from bondage.

chaupai
Verse 23

मोह जाल सब काटो माता। देहु विवेक सुधा विख्याता॥

मोह जाल सब काटो माता देहु विवेक सुधा विख्याता

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Cut the net of delusion and grant renowned nectar of discernment.

chaupai
Verse 24

श्रीविद्या पथ गुरु से पावै। बिन अनुशासन सिद्धि न आवै॥

श्रीविद्या पथ गुरु से पावै बिन अनुशासन सिद्धि न आवै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

The Shri Vidya path comes through the Guru; without discipline, siddhi does not arise.

chaupai
Verse 25

लाल वर्ण चम्पक सुगंधा। मिटे हृदय की सारी दुविधा॥

लाल वर्ण चम्पक सुगंधा मिटे हृदय की सारी दुविधा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your rosy-golden fragrance removes inner confusion.

chaupai
Verse 26

चतुर्भुजा वर अभय दिखाती। भक्तन के भय दूर भगाती॥

चतुर्भुजा वर अभय दिखाती भक्तन के भय दूर भगाती

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your four arms show boons and fearlessness, removing devotees’ fear.

chaupai
Verse 27

त्रिपुरा नाम त्रिगुण निवारिणी। सत्त्व शुद्धि मोक्ष विहारिणी॥

त्रिपुरा नाम त्रिगुण निवारिणी सत्त्व शुद्धि मोक्ष विहारिणी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Your name transcends the three gunas and leads to pure liberation.

chaupai
Verse 28

चन्द्र मण्डल आसन सुहाई। शीतल कृपा जगत पर छाई॥

चन्द्र मण्डल आसन सुहाई शीतल कृपा जगत पर छाई

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Seated in the lunar sphere, your cooling grace covers the world.

chaupai
Verse 29

दीन दुखी पर करुणा कीजै। शरणागत की लाज रखीजै॥

दीन दुखी पर करुणा कीजै शरणागत की लाज रखीजै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Show compassion to the distressed and protect the surrendered.

chaupai
Verse 30

रोग शोक संताप मिटाओ। आत्म आनंद दीप जलाओ॥

रोग शोक संताप मिटाओ आत्म आनंद दीप जलाओ

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove illness, sorrow, and distress; light the lamp of inner bliss.

chaupai
Verse 31

शत्रु नहीं भीतर का अज्ञान। मातु करो उसका संधान॥

शत्रु नहीं भीतर का अज्ञान मातु करो उसका संधान

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

The real enemy is inner ignorance; Mother, resolve it.

chaupai
Verse 32

राजराजेश्वरी जयकारी। सर्व मंगल करनिहारी॥

राजराजेश्वरी जयकारी सर्व मंगल करनिहारी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Rajarajeshwari, doer of all auspiciousness.

chaupai
Verse 33

नित्य पूजन जो नर करई। जीवन में श्रीकृपा भरई॥

नित्य पूजन जो नर करई जीवन में श्रीकृपा भरई

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

One who worships daily fills life with Shri’s grace.

chaupai
Verse 34

ललिता नाम जपे जो कोई। भव भय से मुक्त होई॥

ललिता नाम जपे जो कोई भव भय से मुक्त होई

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever chants Lalita’s name is freed from worldly fear.

chaupai
Verse 35

सौन्दर्य दो व्यवहार में माता। वाणी बने सुगंधित गाथा॥

सौन्दर्य दो व्यवहार में माता वाणी बने सुगंधित गाथा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Grant beauty in conduct and fragrance in speech.

chaupai
Verse 36

साधक मन स्थिर कर दीजै। काम क्रोध सब हर लीजै॥

साधक मन स्थिर कर दीजै काम क्रोध सब हर लीजै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Steady the seeker’s mind and remove desire and anger.

chaupai
Verse 37

धर्म अर्थ काम मोक्ष दात्री। त्रिपुरा तुम जग की त्रात्री॥

धर्म अर्थ काम मोक्ष दात्री त्रिपुरा तुम जग की त्रात्री

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

You grant dharma, artha, kama, and moksha, savioress of the world.

chaupai
Verse 38

महात्रिपुरसुन्दरी भवानी। सुनो हमारी विनय सयानी॥

महात्रिपुरसुन्दरी भवानी सुनो हमारी विनय सयानी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

O Mahatripurasundari Bhavani, hear our wise prayer.

chaupai
Verse 39

जो चालीसा प्रेम से गावै। श्रीविद्या रस हृदय में पावै॥

जो चालीसा प्रेम से गावै श्रीविद्या रस हृदय में पावै

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this with love receives Shri Vidya nectar in the heart.

chaupai
Verse 40

अंत समय स्मरण हो तेरा। कटे भवसागर अंधियारा॥

अंत समय स्मरण हो तेरा कटे भवसागर अंधियारा

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

May your remembrance at life’s end cut the darkness of worldly existence.

chaupai
Verse 41

जय ललिता अम्बा सुखकारी। रक्षा करो मातु हमारी॥

जय ललिता अम्बा सुखकारी रक्षा करो मातु हमारी

अर्थ

यह पद त्रिपुरा सुन्दरी माता की श्रीविद्या, सौंदर्य, ज्ञान और करुणा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Lalita Amba, giver of happiness; protect us, Mother.

doha closing
Verse 42

ललिता त्रिपुरा मातु तुम, श्रीविद्या आधार। कृपा करो भवतारिणी, कर दो जीवन सार॥

lalitā tripurā mātu tuma, śrīvidyā ādhāra. kṛpā karo bhavatāriṇī, kara do jīvana sāra.

अर्थ

हे ललिता त्रिपुरा माता, श्रीविद्या की आधारशक्ति, कृपा कर जीवन को सार्थक करें।

Meaning

O Lalita Tripura Mother, foundation of Shri Vidya, show grace and make life meaningful.

Tripura Sundari Chalisa

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