ॐ भगवते नमः
भगवान्
Bhagavān
Root: bhaga + vān
अर्थ
The Bhagavan, the one endowed with all six divine opulences: sovereignty, power, fame, beauty, knowledge, and renunciation
भगवान, जो छः दिव्य ऐश्वर्यों से सम्पन्न हैं: ऐश्वर्य, शक्ति, यश, सौन्दर्य, ज्ञान और वैराग्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भग
divine opulence, auspicious quality
भग, दिव्य ऐश्वर्य
वान्
endowed with, possessing
युक्त, सम्पन्न
आधुनिक संदर्भ
भगवान हिन्दू भक्ति शब्दावली में सर्वोच्च उपाधि है: इसका अर्थ है 'सभी भग (दिव्य ऐश्वर्य) से सम्पन्न।' छः भग हैं: ऐश्वर्य, वीर्य, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य। दत्तात्रेय एक साथ सभी छः धारण करते हैं। भागवत पुराण विशेष रूप से अपने एकादश स्कन्ध में 'भगवान' से दत्तात्रेय को सम्बोधित करता है जहाँ राजा यदु को 24 गुरुओं की उनकी शिक्षा प्रस्तुत की गई है। यह महत्त्वपूर्ण है: दत्तात्रेय उन बहुत कम व्यक्तित्वों में से एक हैं जिन्हें भागवत में विष्णु के अवतार हुए बिना 'भगवान' सम्बोधित किया जाता है, जो उनके त्रिमूर्ति अधिकार को प्रदर्शित करता है।
कब जपें
ॐChant as a comprehensive divine invocation, on any occasion calling for the fullness of divine grace, or when studying the Bhagavata Purana whose eleventh canto contains Dattatreya's teachings to King Yadu.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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