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ॐ यज्ञभोक्त्रे नमः

यज्ञभोक्ता

Yajñabhoktre

Root: yajña + bhoktṛ

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The enjoyer of all sacrifices, the ultimate recipient of every offering made in any sacred fire across all traditions

समस्त यज्ञों के भोक्ता, सभी परम्पराओं में किसी भी पवित्र अग्नि में किए गए प्रत्येक अर्पण के परम प्राप्तकर्ता

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

यज्ञ

sacrifice, sacred offering

यज्ञ, पवित्र आहुति

भोक्ता

enjoyer, recipient

भोक्ता, प्राप्तकर्ता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

यज्ञभोक्ता एक गहन आध्यात्मिक बिन्दु स्थापित करता है: प्रत्येक यज्ञ में पुजारी विशिष्ट मन्त्रों के माध्यम से विशिष्ट देवताओं (इन्द्र, अग्नि, वरुण, आदि) को अर्पण करता है, लेकिन अन्ततः सभी अर्पण उसी चेतना द्वारा प्राप्त किए जाते हैं जो दत्तात्रेय मूर्त रूप देते हैं। गीता (9.24) इसे व्यक्त करती है: 'मैं अकेला सभी यज्ञों का भोक्ता और स्वामी हूँ।' भारत की जीवन्त यज्ञ परम्परा में, विस्तृत अश्वमेध से सरल दैनिक अग्निहोत्र तक, यह नाम सार्वभौमिक ढाँचा प्रदान करता है।

When to Chant

कब जपें

Chant during any yajna, homa, or fire ritual, to dedicate the offering to the Trimurti who is simultaneously Brahma, Vishnu, and Shiva receiving the same flame.

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