ॐ शिवशक्त्यात्मकाय नमः
शिवशक्त्यात्मकः
Śivaśaktyātmakaḥ
Root: śiva + śakti + ātmaka
अर्थ
The one whose self is Shiva and Shakti, the synthesis of the masculine principle of pure consciousness and the feminine principle of dynamic power
जिनकी आत्मा शिव और शक्ति है, शुद्ध चेतना के पुरुष सिद्धान्त और गतिशील शक्ति के स्त्री सिद्धान्त का संश्लेषण
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
pure consciousness, Shiva
शिव
शक्ति
dynamic power, the feminine divine
शक्ति
आत्मक
whose self is
आत्मक
आधुनिक संदर्भ
शिवशक्त्यात्मक दत्तात्रेय को वह नाम देता है जिनकी आत्मा (आत्मक) शिव (शुद्ध चेतना) और शक्ति (गतिशील शक्ति) का संश्लेषण है। कश्मीर शैवमत के मूलभूत ब्रह्माण्ड-विज्ञान में वास्तविकता शिव (स्थिर, प्रकाशमान चेतना-आधार) और शक्ति (गतिशील सृजनात्मक शक्ति) से बनती है। दत्तात्रेय शिवशक्त्यात्मक के रूप में दोनों को एक साथ अपने अस्तित्व में धारण करते हैं। यह नाम शैव और शाक्त परम्पराओं के बीच पुल बनाता है।
कब जपें
ॐChant when approaching the synthesis of Shiva and Shakti, or when recognising that Dattatreya's nature already unifies the masculine and feminine divine principles.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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