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Chalisa

Chandra Chalisa

चन्द्र चालीसा

The Chandra Chalisa is a devotional hymn dedicated to Chandra Dev, the Moon deity, also known as Soma, Shashi, Mayank, and lord of the mind, emotions, cooling grace, nourishment, and reflective wisdom. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Chandra
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Monday · Full moon night

चन्द्र चालीसा चन्द्रदेव को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिन्हें सोम, शशि, मयंक और मन, भावनाओं, शीतल कृपा, पोषण तथा चिंतनशील ज्ञान के अधिपति के रूप में पूजा जाता है। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

श्री गणपति गुरु चरण धरि, चन्द्रदेव कर ध्यान। शीतल सुधा बरसाइए, हरिए मन अज्ञान॥

śrī gaṇapati guru caraṇa dhari, candradeva kara dhyāna. śītala sudhā barasāie, harie mana ajñāna.

अर्थ

श्री गणपति और गुरु चरणों का स्मरण कर मैं चन्द्रदेव का ध्यान करता/करती हूँ। हे चन्द्रदेव, शीतल सुधा बरसाकर मन का अज्ञान हरिए।

Meaning

Honoring Shri Ganesha and the Guru’s feet, I meditate on Chandra Dev. Please shower cooling nectar and remove ignorance from the mind.

chaupai
Verse 2

जय जय चन्द्रदेव सुखकारी। शीतल किरण करुणा विस्तारी॥

जय जय चन्द्रदेव सुखकारी शीतल किरण करुणा विस्तारी

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Chandra Dev, giver of comfort, whose cooling rays spread compassion.

chaupai
Verse 3

शशि मयंक सोम कहलाते। रजनीपति जग में सुख लाते॥

शशि मयंक सोम कहलाते रजनीपति जग में सुख लाते

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Known as Shashi, Mayank, and Soma, lord of night, you bring peace to the world.

chaupai
Verse 4

सफेद अश्व रथ अति सुहावै। मृदु प्रकाश तम दूर भगावै॥

सफेद अश्व रथ अति सुहावै मृदु प्रकाश तम दूर भगावै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Your white-horse chariot shines beautifully and your soft light removes darkness.

chaupai
Verse 5

दधि शंख हिम सम तनु धारी। कलानिधि तुम जग उजियारी॥

दधि शंख हिम सम तनु धारी कलानिधि तुम जग उजियारी

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Your form is like curd, conch, and snow; as treasure of phases, you illumine the world.

chaupai
Verse 6

शिव शिर ऊपर तुम विराजो। गंगा संग शोभा अति साजो॥

शिव शिर ऊपर तुम विराजो गंगा संग शोभा अति साजो

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You adorn Shiva’s head and shine with Ganga in divine beauty.

chaupai
Verse 7

रोहिणी प्रिय सोम सुधाकर। देहु शांति हे निशा प्रकाशकर॥

रोहिणी प्रिय सोम सुधाकर देहु शांति हे निशा प्रकाशकर

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

O Soma, beloved of Rohini and maker of nectar, grant peace as the light of night.

chaupai
Verse 8

मन के स्वामी चन्द्र कहावो। चंचल चित्त को स्थिर बनावो॥

मन के स्वामी चन्द्र कहावो चंचल चित्त को स्थिर बनावो

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

As lord of the mind, make the restless heart steady.

chaupai
Verse 9

औषधि वनस्पति रस तुम देते। धरती को शीतल सुख देते॥

औषधि वनस्पति रस तुम देते धरती को शीतल सुख देते

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You nourish herbs and plants and give cooling comfort to earth.

chaupai
Verse 10

कृष्ण पक्ष तुम घटते जाते। शुक्ल पक्ष फिर पूर्ण बनाते॥

कृष्ण पक्ष तुम घटते जाते शुक्ल पक्ष फिर पूर्ण बनाते

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You wane in the dark fortnight and become full again in the bright fortnight.

chaupai
Verse 11

जीवन चक्र का पाठ पढ़ाओ। घट बढ़ में संतुलन सिखलाओ॥

जीवन चक्र का पाठ पढ़ाओ घट बढ़ में संतुलन सिखलाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Teach the cycle of life and balance through waxing and waning.

chaupai
Verse 12

सोमवार व्रत जो जन करहीं। मनवांछित शुभ फल वे धरहीं॥

सोमवार व्रत जो जन करहीं मनवांछित शुभ फल वे धरहीं

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Those who observe Monday vrata with devotion receive auspicious fruits.

chaupai
Verse 13

दूध चावल अर्पण जो लावै। चन्द्र कृपा से सुख फल पावै॥

दूध चावल अर्पण जो लावै चन्द्र कृपा से सुख फल पावै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

One who offers milk and rice receives joy through Chandra’s grace.

chaupai
Verse 14

मातृ सुख के दाता प्यारे। घर परिवार करो उजियारे॥

मातृ सुख के दाता प्यारे घर परिवार करो उजियारे

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You grant maternal comfort and brighten family life.

chaupai
Verse 15

रोग शोक मानसिक हर लीजै। शांत बुद्धि हृदय में दीजै॥

रोग शोक मानसिक हर लीजै शांत बुद्धि हृदय में दीजै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove mental distress, illness, and sorrow; grant a peaceful mind.

chaupai
Verse 16

मोती रत्न तुम्हारा प्यारा। शुभ करता मन का अंधियारा॥

मोती रत्न तुम्हारा प्यारा शुभ करता मन का अंधियारा

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Pearl is dear to you and symbolizes calming the mind’s darkness.

chaupai
Verse 17

कर्क राशि के स्वामी ज्ञानी। भाव जगत के तुम अधिकारी॥

कर्क राशि के स्वामी ज्ञानी भाव जगत के तुम अधिकारी

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Wise lord of Cancer, you govern the world of feeling.

chaupai
Verse 18

नक्षत्रों में कृपा बहावो। जन्म कर्म का भाव बतावो॥

नक्षत्रों में कृपा बहावो जन्म कर्म का भाव बतावो

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Let your grace flow through the lunar mansions and reveal life’s emotional patterns.

chaupai
Verse 19

बालक मन को शांति दिलाओ। स्वप्न भय सब दूर भगाओ॥

बालक मन को शांति दिलाओ स्वप्न भय सब दूर भगाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Bring peace to children’s minds and remove frightening dreams.

chaupai
Verse 20

जल तत्त्व में शक्ति तुम्हारी। भावनाओं की रखवाली॥

जल तत्त्व में शक्ति तुम्हारी भावनाओं की रखवाली

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Your power lives in the water element and protects emotions.

chaupai
Verse 21

कला काव्य संगीत बढ़ाओ। कल्पना को रस से सजाओ॥

कला काव्य संगीत बढ़ाओ कल्पना को रस से सजाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Increase art, poetry, music, and imaginative sweetness.

chaupai
Verse 22

जो तुम्हरा नित नाम सुनावै। मन का ताप तुरत मिट जावै॥

जो तुम्हरा नित नाम सुनावै मन का ताप तुरत मिट जावै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

One who chants your name daily quickly reduces mental heat.

chaupai
Verse 23

क्रोध ज्वाला शांत करीजै। मृदु संवाद हृदय में दीजै॥

क्रोध ज्वाला शांत करीजै मृदु संवाद हृदय में दीजै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Cool the flame of anger and place gentle communication in the heart.

chaupai
Verse 24

नींद सुखद हे चन्द्र दिलाओ। अशांत रात्रि दूर भगाओ॥

नींद सुखद हे चन्द्र दिलाओ अशांत रात्रि दूर भगाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Grant restful sleep and remove disturbed nights.

chaupai
Verse 25

यात्रा में शुभ दृष्टि रखना। रात्रि पथ पर साथ ही चलना॥

यात्रा में शुभ दृष्टि रखना रात्रि पथ पर साथ ही चलना

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Keep auspicious watch during travel and accompany devotees on night paths.

chaupai
Verse 26

कवि हृदय में भाव जगाते। चित्रकार को रंग सिखाते॥

कवि हृदय में भाव जगाते चित्रकार को रंग सिखाते

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You awaken feeling in poets and teach color to artists.

chaupai
Verse 27

ज्योतिष में तुम मन के दर्पण। दिखलाते अंतर का स्पंदन॥

ज्योतिष में तुम मन के दर्पण दिखलाते अंतर का स्पंदन

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

In astrology, you are the mirror of the mind and show inner movement.

chaupai
Verse 28

सागर ज्वार तुमसे उठते। भाव तरंग हृदय में फूटते॥

सागर ज्वार तुमसे उठते भाव तरंग हृदय में फूटते

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Ocean tides rise through you, and emotional waves arise in the heart.

chaupai
Verse 29

दुखी जनों पर दृष्टि करीजै। शीतल आशा जीवन दीजै॥

दुखी जनों पर दृष्टि करीजै शीतल आशा जीवन दीजै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Look upon the distressed and give cool hope to life.

chaupai
Verse 30

विषाद धुंध सब दूर हटावो। स्मृति में शुभ चन्द्र बसावो॥

विषाद धुंध सब दूर हटावो स्मृति में शुभ चन्द्र बसावो

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove the fog of sadness and place auspicious moonlight in memory.

chaupai
Verse 31

दाम्पत्य में प्रेम बढ़ाओ। कठिन वचन को मधुर बनाओ॥

दाम्पत्य में प्रेम बढ़ाओ कठिन वचन को मधुर बनाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Increase love in marriage and turn harsh words sweet.

chaupai
Verse 32

माता पिता का मान बढ़े। परिवार प्रेम से साथ खड़े॥

माता पिता का मान बढ़े परिवार प्रेम से साथ खड़े

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

May parents be honored and the family stand together in love.

chaupai
Verse 33

जो रात्रि ध्यान तुम्हारा करता। चन्द्र सुधा से मन भरता॥

जो रात्रि ध्यान तुम्हारा करता चन्द्र सुधा से मन भरता

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

One who meditates on you at night fills the mind with lunar nectar.

chaupai
Verse 34

पूर्णिमा में कृपा बरसाओ। अमावस में दीप जलाओ॥

पूर्णिमा में कृपा बरसाओ अमावस में दीप जलाओ

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Shower grace on full moon and light a lamp on new moon.

chaupai
Verse 35

भय भ्रम चिंता हरने वाले। शरणागत के रखवाले॥

भय भ्रम चिंता हरने वाले शरणागत के रखवाले

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

You remove fear, confusion, and worry, protecting those who surrender.

chaupai
Verse 36

दोष चन्द्र का शांति पावै। जप दान से सुख उपजावै॥

दोष चन्द्र का शांति पावै जप दान से सुख उपजावै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Afflicted Moon becomes peaceful through japa, charity, and devotion.

chaupai
Verse 37

चन्द्र गायत्री जो मन गावै। शुभ चित्त का फल वह पावै॥

चन्द्र गायत्री जो मन गावै शुभ चित्त का फल वह पावै

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

One who recites Chandra Gayatri receives the fruit of an auspicious mind.

chaupai
Verse 38

श्वेत पुष्प जो प्रेम चढ़ावे। घर में शांति सुख बरसावे॥

श्वेत पुष्प जो प्रेम चढ़ावे घर में शांति सुख बरसावे

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

White flowers offered with love bring peace and happiness to the home.

chaupai
Verse 39

अंत समय स्मरण हो तोरा। चन्द्रलोक का मिले उजियारा॥

अंत समय स्मरण हो तोरा चन्द्रलोक का मिले उजियारा

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, may your remembrance grant moonlike radiance.

chaupai
Verse 40

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। चन्द्रदेव सब क्लेश निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें चन्द्रदेव सब क्लेश निवारे

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Your devotees behold your feet; Chandra Dev removes all afflictions.

chaupai
Verse 41

जय सोम चन्द्र सुखदाता। रक्षा करो मन के त्राता॥

जय सोम चन्द्र सुखदाता रक्षा करो मन के त्राता

अर्थ

यह पद चन्द्रदेव की शीतलता, मन-शांति, भाव-संतुलन और कृपा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Soma Chandra, giver of happiness and protector of the mind.

doha closing
Verse 42

चन्द्रदेव कृपा करो, शीतल करो विचार। मन सरोवर निर्मल हो, मिटे सकल अंधकार॥

candradeva kṛpā karo, śītala karo vicāra. mana sarovara nirmala ho, miṭe sakala andhakāra.

अर्थ

हे चन्द्रदेव, कृपा कर विचारों को शीतल करें। मन-सरोवर निर्मल हो और सारा अंधकार मिट जाए।

Meaning

O Chandra Dev, show grace and cool the thoughts. May the lake of the mind become pure and all darkness disappear.

Chandra Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

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