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Chalisa

Mangal Chalisa

मंगल चालीसा

The Mangal Chalisa is a devotional hymn dedicated to Mangal Dev, the Mars deity, also known as Bhauma, Kuja, and Angaraka, associated with courage, land, strength, disciplined action, debt relief, and protection. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Mangal
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Tuesday · During Mangal graha shanti

मंगल चालीसा मंगल देव को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिन्हें भौम, कुज और अंगारक भी कहा जाता है। वे साहस, भूमि, शक्ति, अनुशासित कर्म, ऋण-निवारण और संरक्षण से जुड़े हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

धरतीसुत मंगल प्रभु, लोहित तेज अपार। ऋण रोग भय हर लीजै, दो बल धर्म विचार॥

dhartīsuta maṅgala prabhu, lohita teja apāra. ṛṇa roga bhaya hara lījai, do bala dharma vicāra.

अर्थ

हे धरतीसुत मंगल प्रभु, आपके लोहित तेज अपार हैं। ऋण, रोग और भय हरकर बल और धर्म-विचार दें।

Meaning

O Mangal, son of Earth, red-radiant Lord, remove debt, disease, and fear; grant strength and righteous discernment.

chaupai
Verse 2

जय जय मंगल देव बलकारी। धरतीसुत तुम संकट हारी॥

जय जय मंगल देव बलकारी धरतीसुत तुम संकट हारी

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Mangal Dev, giver of strength, son of Earth and remover of trouble.

chaupai
Verse 3

लोहित अंग तेज उजियारा। वीर भाव जग में तुम्हारा॥

लोहित अंग तेज उजियारा वीर भाव जग में तुम्हारा

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Your red limbs shine with radiance and awaken heroic energy.

chaupai
Verse 4

भौम कुज अंगारक नामा। ऋण रोग हर शुभ परिणामाँ॥

भौम कुज अंगारक नामा ऋण रोग हर शुभ परिणामाँ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Known as Bhauma, Kuja, and Angaraka, you remove debt and disease.

chaupai
Verse 5

मेष वृश्चिक पर अधिकार। शौर्य कर्म का दो उपहार॥

मेष वृश्चिक पर अधिकार शौर्य कर्म का दो उपहार

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

You rule Aries and Scorpio and grant courage and action.

chaupai
Verse 6

मंगलवार जो व्रत अपनावे। भक्त मनोवांछित फल पावे॥

मंगलवार जो व्रत अपनावे भक्त मनोवांछित फल पावे

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

One who observes Tuesday vrata receives worthy desired fruits.

chaupai
Verse 7

लाल पुष्प और मसूर चढ़ावै। मंगल कृपा घर में आवै॥

लाल पुष्प और मसूर चढ़ावै मंगल कृपा घर में आवै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Offering red flowers and lentils invokes Mangal’s grace.

chaupai
Verse 8

भूमि भवन सुख तुमसे मिलता। परिश्रम से भाग्य निकलता॥

भूमि भवन सुख तुमसे मिलता परिश्रम से भाग्य निकलता

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Land and home blessings come through you; effort reveals fortune.

chaupai
Verse 9

योद्धा वीर तुम्हें नित ध्यावें। रण संकट में विजय पावें॥

योद्धा वीर तुम्हें नित ध्यावें रण संकट में विजय पावें

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Warriors meditate on you and gain victory in battle-like crises.

chaupai
Verse 10

कायर मन में बल भर दीजै। धर्म युद्ध में साथ ही दीजै॥

कायर मन में बल भर दीजै धर्म युद्ध में साथ ही दीजै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Fill timid minds with strength and stand with righteous struggle.

chaupai
Verse 11

क्रोध अग्नि को शुद्ध बनाओ। अन्याय विरुद्ध तेज जगाओ॥

क्रोध अग्नि को शुद्ध बनाओ अन्याय विरुद्ध तेज जगाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Purify the fire of anger and awaken energy against injustice.

chaupai
Verse 12

ऋण बंधन से मुक्ति कराओ। सदुपार्जन पथ दिखलाओ॥

ऋण बंधन से मुक्ति कराओ सदुपार्जन पथ दिखलाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Free devotees from debt and show ethical earning.

chaupai
Verse 13

रोग रक्त का दूर भगाओ। तन में ओज बल बढ़वाओ॥

रोग रक्त का दूर भगाओ तन में ओज बल बढ़वाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Remove blood-related afflictions and increase vitality.

chaupai
Verse 14

मंगल दोष शांति दिलाओ। दाम्पत्य में प्रेम बढ़ाओ॥

मंगल दोष शांति दिलाओ दाम्पत्य में प्रेम बढ़ाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Pacify Mangal dosha and increase love in marriage.

chaupai
Verse 15

भाई बंधु में मेल कराओ। कुल झगड़े सब दूर हटाओ॥

भाई बंधु में मेल कराओ कुल झगड़े सब दूर हटाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Bring harmony among siblings and remove family conflict.

chaupai
Verse 16

भूमि विवाद सुलझाने वाले। सत्य पक्ष के रखवाले॥

भूमि विवाद सुलझाने वाले सत्य पक्ष के रखवाले

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

You help resolve land disputes and protect the side of truth.

chaupai
Verse 17

साहस संयम साथ सिखाओ। उग्रता को मर्यादा लाओ॥

साहस संयम साथ सिखाओ उग्रता को मर्यादा लाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Teach courage with restraint and bring discipline to intensity.

chaupai
Verse 18

शस्त्र शक्ति जब धर्म बचाए। तब मंगल शुभ फल बरसाए॥

शस्त्र शक्ति जब धर्म बचाए तब मंगल शुभ फल बरसाए

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

When power protects dharma, Mangal grants auspicious results.

chaupai
Verse 19

शरीर बल और मन दृढ़ता। देहु मातृभूमि से जुड़ता॥

शरीर बल और मन दृढ़ता देहु मातृभूमि से जुड़ता

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Grant physical strength and mental firmness rooted in mother earth.

chaupai
Verse 20

जो मंगल का नाम जपै। अशुभ ग्रहफल शीघ्र घटै॥

जो मंगल का नाम जपै अशुभ ग्रहफल शीघ्र घटै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

One who chants Mangal’s name reduces harsh planetary effects.

chaupai
Verse 21

हवन दीप और जप जो करई। जीवन में शुभता भरई॥

हवन दीप और जप जो करई जीवन में शुभता भरई

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

One who performs havan, lamp offering, and japa fills life with auspiciousness.

chaupai
Verse 22

लाल चंदन तिलक लगावै। मंगल कृपा शीघ्र ही पावै॥

लाल चंदन तिलक लगावै मंगल कृपा शीघ्र ही पावै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Applying red sandalwood tilak invokes Mangal’s grace.

chaupai
Verse 23

दुर्घटना भय दूर करीजै। यात्रा मंगलमय कर दीजै॥

दुर्घटना भय दूर करीजै यात्रा मंगलमय कर दीजै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Remove fear of accident and make travel auspicious.

chaupai
Verse 24

सर्जन कर्म में शक्ति देना। निर्णय में स्पष्टता देना॥

सर्जन कर्म में शक्ति देना निर्णय में स्पष्टता देना

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Give power for constructive action and clarity in decisions.

chaupai
Verse 25

अनुशासन से विजय दिलाओ। व्यर्थ विवाद दूर हटाओ॥

अनुशासन से विजय दिलाओ व्यर्थ विवाद दूर हटाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Grant victory through discipline and remove pointless disputes.

chaupai
Verse 26

सैनिक, पुलिस, रक्षक प्यारे। तुमसे पाते बल सहारे॥

सैनिक, पुलिस, रक्षक प्यारे तुमसे पाते बल सहारे

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Soldiers, police, and protectors receive strength through you.

chaupai
Verse 27

खेती भूमि फलदायक होवे। किसान श्रम सफलतामय होवे॥

खेती भूमि फलदायक होवे किसान श्रम सफलतामय होवे

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

May land be fertile and farmers’ effort fruitful.

chaupai
Verse 28

मंगल गायत्री जो जन गावे। धैर्य विजय दोनों पावे॥

मंगल गायत्री जो जन गावे धैर्य विजय दोनों पावे

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

One who recites Mangal Gayatri gains patience and victory.

chaupai
Verse 29

दुष्ट प्रवृत्ति दूर भगाओ। सत्य शौर्य हृदय बसाओ॥

दुष्ट प्रवृत्ति दूर भगाओ सत्य शौर्य हृदय बसाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Remove wicked tendencies and place truthful courage in the heart.

chaupai
Verse 30

भय से काँपे मन जब मेरा। मंगल देव करो सवेरा॥

भय से काँपे मन जब मेरा मंगल देव करो सवेरा

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

When my mind trembles with fear, bring a new dawn, O Mangal Dev.

chaupai
Verse 31

साधक को कर्मठ बनाओ। आलस्य तम दूर भगाओ॥

साधक को कर्मठ बनाओ आलस्य तम दूर भगाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Make seekers industrious and remove laziness.

chaupai
Verse 32

अभिमान को विनय बनाओ। बल को सेवा में लगवाओ॥

अभिमान को विनय बनाओ बल को सेवा में लगवाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Turn pride into humility and strength into service.

chaupai
Verse 33

मित्रों में विश्वास बढ़ाओ। कटुता का अंत कराओ॥

मित्रों में विश्वास बढ़ाओ कटुता का अंत कराओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Increase trust among friends and end bitterness.

chaupai
Verse 34

कारागार संकट जो आवे। मंगल कृपा मुक्ति दिलावे॥

कारागार संकट जो आवे मंगल कृपा मुक्ति दिलावे

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

If confinement-like trouble comes, Mangal’s grace brings release.

chaupai
Verse 35

न्यायालय में सत्य बचाओ। धर्म पक्ष को विजय दिलाओ॥

न्यायालय में सत्य बचाओ धर्म पक्ष को विजय दिलाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Protect truth in court and give victory to dharma.

chaupai
Verse 36

लाल प्रभा से राह दिखाओ। अंधे कर्म न होने पाओ॥

लाल प्रभा से राह दिखाओ अंधे कर्म न होने पाओ

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Guide with red radiance and prevent blind action.

chaupai
Verse 37

नवयुवकों को संयम देना। जोश में शुभ विवेक भी देना॥

नवयुवकों को संयम देना जोश में शुभ विवेक भी देना

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Give youth restraint and wise discernment with enthusiasm.

chaupai
Verse 38

जो चालीसा नित मन गावै। मंगल दोष न निकट सतावै॥

जो चालीसा नित मन गावै मंगल दोष न निकट सतावै

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this daily is protected from Mangal affliction.

chaupai
Verse 39

अंत समय स्मरण हो तुम्हारा। देव मंगल करना उद्धारा॥

अंत समय स्मरण हो तुम्हारा देव मंगल करना उद्धारा

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, may your remembrance bring auspicious upliftment.

chaupai
Verse 40

भक्त तुम्हारे शीश नवावें। मंगल देव सुख फल पावें॥

भक्त तुम्हारे शीश नवावें मंगल देव सुख फल पावें

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees bow to you and receive happiness and auspicious results.

chaupai
Verse 41

जय भौम कुज मंगल दाता। रक्षा करो धरती के त्राता॥

जय भौम कुज मंगल दाता रक्षा करो धरती के त्राता

अर्थ

यह पद मंगल देव की शक्ति, साहस, ऋण-रोग निवारण, भूमि-संबंध और धर्मयुक्त कर्म का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Bhauma Kuja, giver of auspiciousness and protector rooted in Earth.

doha closing
Verse 42

मंगल देव कृपा करो, दो शौर्य सुविचार। ऋण रोग भय सब हरि लीजै, कर दो जीवन सार॥

maṅgala deva kṛpā karo, do śaurya suvicāra. ṛṇa roga bhaya saba hari lījai, kara do jīvana sāra.

अर्थ

हे मंगल देव, कृपा कर शौर्य और सुविचार दें। ऋण, रोग और भय हरकर जीवन को सार्थक करें।

Meaning

O Mangal Dev, grant courage and good discernment. Remove debt, disease, and fear, and make life meaningful.

Mangal Chalisa

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