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ॐ अनन्तरूपाय नमः

अनन्तरूपः

Ananntarūpaḥ

Root: ananta + rūpa

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

He of infinite forms, who can appear in any form required by the devotee's need, love, or spiritual capacity

अनन्त रूपों वाले, जो भक्त की आवश्यकता, प्रेम या आध्यात्मिक क्षमता के अनुसार किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

अनन्त

infinite, endless

अनन्त, असीम

रूप

form, appearance

रूप, स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अय्यप्पा परम्परा क्षेत्रीय परम्परा के आधार पर प्रभु को आश्चर्यजनक रूप से विविध प्रतिमाशास्त्रीय रूपों में प्रस्तुत करती है: कुछ मन्दिरों में वे धनुष-बाण लिए हैं, अन्य में कमल धारण किए, अन्य में महिषी की विजय की तलवार चलाते हैं। हर रूप एक अलग पहलू प्रकट करता है। अनन्तरूप इस विविधता की व्याख्या और मान्यता करता है: अनन्त रूप हैं क्योंकि दिव्य प्रकृति के अनन्त पहलू अभिव्यक्त किए जाने हैं, और अनन्त विभिन्न आवश्यकताओं और बोध-क्षमताओं वाले अनन्त भक्त हैं। मन्दिरों में अय्यप्पा के रूपों की विविधता असंगति नहीं बल्कि इस अनन्त रूपधर्मिता की जीवित अभिव्यक्ति है।

When to Chant

कब जपें

Chant when meditating on the Lord in any form: as a young prince, as the cosmic absolute, as a fierce hunter, as the gentle meditator. All are equally His. None is the whole.

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