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ॐ गुरुमूर्तये नमः

गुरुमूर्तिः

Gurumūrtayeḥ

Root: guru + mūrti

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

He whose form is that of the guru, who manifests the divine through the teaching relationship and the transmission of wisdom

जिनका स्वरूप गुरु का है, जो शिक्षण सम्बन्ध और ज्ञान के संचरण के माध्यम से दिव्यता प्रकट करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

गुरु

teacher, one who removes darkness

गुरु, शिक्षक, अन्धकार हटाने वाला

मूर्ति

form, embodiment

मूर्ति, रूप, अवतार

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अय्यप्पा दीक्षा एक औपचारिक गुरु-शिष्य सम्बन्ध से शुरू होती है: भक्त एक मान्यता प्राप्त गुरु के सामने प्रस्तुत होता है जो माला बाँधते हैं, प्रारम्भिक मन्त्र देते हैं, और ४१ दिनों के अभ्यास के लिए भक्त को परम्परा में स्थापित करते हैं। माला-बन्धन के इस क्षण को प्रभु की अपनी वंश-परम्परा के साथ प्रत्यक्ष सम्पर्क के रूप में समझा जाता है। अय्यप्पा परम्परा में मानव गुरु दिव्य प्रभु का विकल्प नहीं बल्कि दीक्षा के क्षण में उनका विशिष्ट रूप है। गुरुमूर्ति इस रहस्य को नाम देता है: जब प्रभु सिखाना चाहते हैं, वे एक शिक्षक के रूप में प्रकट होते हैं, और जब कोई शिक्षक प्रेम और ज्ञान से सिखाता है तो प्रभु उनके माध्यम से प्रकट होते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when receiving teachings from any qualified teacher, or at the beginning of the deeksha when the guru ties the mala and transmits the mantra. The human guru is the Lord's form.

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