ॐ वेदवेद्याय नमः
वेदवेद्यः
Vedavedyaḥ
Root: veda + vedya
अर्थ
He who is knowable through the Vedas, the ultimate reality toward which all Vedic revelation is directed
वेदों के माध्यम से जानने योग्य, वह परम सत्य जिसकी ओर समस्त वैदिक प्रकाशना निर्देशित है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वेद
the Vedas, sacred knowledge
वेद, पवित्र ज्ञान
वेद्य
knowable, to be known
वेद्य, जानने योग्य
आधुनिक संदर्भ
वेद मानव इतिहास में सबसे पुरानी निरन्तर प्रेषित साहित्यिक परम्परा हैं। ऋग्वेद के स्तोत्र ३,५०० वर्षों से अधिक समय से, शायद अधिक, बिना रुकावट के जपे जाते रहे हैं। वेदवेद्य अय्यप्पा को इस सम्पूर्ण परम्परा का शाश्वत संदर्भ बिन्दु के रूप में स्थापित करता है: वह वास्तविकता जिसकी ओर वह सारी संचित प्रकाशना हमेशा से इंगित कर रही थी। तिरुपति के राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ और केरल के संस्कृत संस्थानों के विद्वान वेदवेद्य में वही दावा पहचानेंगे जो हर परम्परा अपने अन्तिम संदर्भ के बारे में करती है: ग्रन्थ मानचित्र है और प्रभु भूभाग।
कब जपें
ॐChant when studying the Vedas or reflecting on the relationship between scripture and experience. The text points to the Lord; the Lord makes the text alive.
और विद्या नाम
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