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ॐ शत्रुजिते नमः

शत्रुजित्

Śatrujitaḥ

Root: śatru + jit

Courage·साहस
Meaning

अर्थ

The conqueror of enemies, who overcomes every adversary both external and internal, including the inner enemies of ego, attachment, and ignorance

शत्रुओं के विजेता, जो हर प्रतिपक्षी को, बाहरी और आन्तरिक दोनों, जिसमें अहंकार, आसक्ति और अज्ञान के आन्तरिक शत्रु शामिल हैं, जीत लेते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शत्रु

enemy, adversary

शत्रु, दुश्मन

जित्

conqueror, victor

जित्, विजेता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अय्यप्पा परम्परा छह आन्तरिक शत्रुओं की पहचान करती है जिन्हें दीक्षा अनुशासन कमजोर करने के लिए बनाई गई है: काम (वासना), क्रोध, लोभ, मोह, मद (अहंकार), और मत्सर्य (ईर्ष्या)। ये आन्तरिक युद्धक्षेत्र के शस्त्र हैं जिनका हर दीक्षा साधक सामना करता है। शत्रुजित के रूप में अय्यप्पा ने पहले से छहों को पूरी तरह जीत लिया है: शाश्वत ब्रह्मचारी जो कोई काम नहीं अनुभव करते, शान्त प्रभु जो कोई क्रोध नहीं उठाते, वन-तपस्वी जो कोई धन का दावा नहीं करते, सर्वज्ञ जो मोहित नहीं, विनम्र प्रभु जिन्हें कोई अहंकार नहीं, सर्वकरुणामय जो किसी से ईर्ष्या नहीं करते। दीक्षा भक्त को जो हर गुण विकसित करने के लिए कहती है, प्रभु उसे पहले से परिपूर्णता से मूर्त करते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when facing opposition in any form, with the understanding that the Lord conquers not just external adversaries but the inner enemies that are often far more formidable.

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