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ॐ जगदीश्वराय नमः

जगदीश्वरः

Jagadīśvaraḥ

Root: jagat + īśvara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The lord of the world, the sovereign whose divine governance sustains the order of all manifest existence

जगत के ईश्वर, वह अधिपति जिनका दिव्य शासन समस्त व्यक्त अस्तित्व की व्यवस्था को बनाए रखता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

जगत्

the moving world, creation

जगत्, चलायमान सृष्टि

ईश्वर

lord, sovereign

ईश्वर, अधिपति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

जगदीश्वर विश्वरूप (125) और विश्वनाथ (126) के साथ एक त्रयी पूरी करता है: दत्तात्रेय ब्रह्माण्ड का रूप (विश्वरूप), ब्रह्माण्ड के नाथ (विश्वनाथ) और ब्रह्माण्ड का शासन करने वाले अधिपति (जगदीश्वर) हैं। शासन का आयाम महत्त्वपूर्ण है: यह कहता है कि विश्व यादृच्छिक नहीं बल्कि व्यवस्थित है, और व्यवस्था का एक अधिपति है। यह वेदों में ऋत (ब्रह्माण्डीय व्यवस्था) और पुराणों में धर्म (सही नियम) की अवधारणा की आध्यात्मिक नींव है। जगदीश्वर के रूप में दत्तात्रेय उस शासन-सिद्धान्त को व्यक्त करते हैं जो एक साथ अन्तर्निहित और अतिक्रान्त है।

When to Chant

कब जपें

Chant during prayers for world peace, in national or global crisis, or when invoking Dattatreya's governance over the order of creation for the benefit of all.

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