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ॐ तीर्थस्वरूपाय नमः

तीर्थस्वरूपः

Tīrthasvarūpaḥ

Root: tīrtha + svarūpa

Purity·पवित्रता
Meaning

अर्थ

The one whose very form is a pilgrimage site, the living teertha in whose presence all who approach are purified

जिनका स्वयं का स्वरूप एक तीर्थ है, वह जीवन्त तीर्थ जिनकी उपस्थिति में पास आने वाले सभी शुद्ध हो जाते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

तीर्थ

pilgrimage site, sacred ford

तीर्थ, पवित्र स्थान

स्वरूप

essential form, true nature

स्वरूप, वास्तविक रूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

तीर्थस्वरूप एक मूलगामी दार्शनिक निहितार्थ वहन करता है: दत्तात्रेय स्वयं एक तीर्थ हैं। तीर्थ की शास्त्रीय परिभाषा एक 'उतराई' या पार-स्थान है जहाँ मानव सामान्य से पवित्र की ओर जा सकता है। अधिकांश तीर्थ भौगोलिक हैं: नदियाँ, पर्वत, मन्दिर। लेकिन सर्वोच्च तीर्थ एक व्यक्ति है। भागवत पुराण (1.13.10) कहता है कि तीर्थ केवल जल से नहीं बल्कि सन्तों की उपस्थिति से पवित्र होता है। दत्तात्रेय का भ्रमणशील शरीर स्वयं एक चलता-फिरता तीर्थ है: जहाँ वे कदम रखते हैं वह स्थान पवित्र हो जाता है। भारत की विशाल तीर्थयात्रा संस्कृति में यह नाम सिखाता है कि सर्वोच्च तीर्थयात्रा एक जीवित सन्त की है, भौतिक स्थान की नहीं।

When to Chant

कब जपें

Chant when visiting any teertha or when recognising that the saint's presence itself is the teertha, regardless of physical location.

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