ॐ स्मरणमात्रसन्तुष्टाय नमः
स्मरणमात्रसन्तुष्टः
Smaraṇamātrasantuṣṭaḥ
Root: smaraṇa + mātra + santuṣṭa
अर्थ
The one satisfied by remembrance alone, who is pleased simply by being remembered with sincerity, without requiring elaborate ritual
केवल स्मरण से सन्तुष्ट, जो विस्तृत अनुष्ठान की आवश्यकता के बिना सच्चाई से स्मरण मात्र से प्रसन्न होते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
स्मरण
remembrance, recollection
स्मरण, याद
मात्र
alone, merely, only
मात्र, केवल
सन्तुष्ट
satisfied, pleased
सन्तुष्ट, प्रसन्न
आधुनिक संदर्भ
स्मरणमात्रसन्तुष्ट सहस्रनाम में सबसे लोकतांत्रिक रूप से समावेशी नाम है। यह कहता है कि दत्तात्रेय भक्त से केवल स्मरण के अलावा कुछ नहीं माँगते: कोई फूल नहीं, कोई धूप नहीं, कोई अनुष्ठान नहीं, कोई पवित्रता नहीं, कोई जाति-योग्यता नहीं। यह अस्पताल के उस मरीज़ के लिए दत्तात्रेय को समान रूप से सुलभ बनाता है जो पूजा नहीं कर सकता, उस ट्रक चालक के लिए जो मन्दिर नहीं जा सकता, उस दलित के लिए जिसे मन्दिर प्रवेश से रोका गया है। दत्त सम्प्रदाय की परम्परागत शिक्षा 'दत्त नाम स्मरण' कलियुग की पर्याप्त साधना है। डिजिटल युग में लाखों लोग फोन वॉलपेपर, सोशल मीडिया पोस्ट से दत्तात्रेय को याद करते हैं। स्मरणमात्रसन्तुष्ट उन सभी से प्रसन्न है।
कब जपें
ॐChant when ritual access is impossible due to illness, travel, poverty, or time constraints, as assurance that sincere remembrance is sufficient for Dattatreya's grace.
और भक्ति नाम
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