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ॐ सर्वार्थसाधकाय नमः

सर्वार्थसाधकः

Sarvārthasādhakaḥ

Root: sarva + artha + sādhaka

Prosperity·समृद्धि
Meaning

अर्थ

The accomplisher of all purposes, who fulfils the four human aims of dharma, artha, kama, and moksha simultaneously for the devotee

सभी उद्देश्यों के साधक, जो भक्त के लिए एक साथ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चारों पुरुषार्थ पूर्ण करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all

सब

अर्थ

purpose, aim, meaning

अर्थ, उद्देश्य

साधक

accomplisher, one who realises

साधक, सिद्ध करने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वार्थसाधक दत्तात्रेय को सभी चार पुरुषार्थों (मानवीय उद्देश्यों) के पूर्णकर्ता के रूप में स्थापित करता है: धर्म (सदाचरण), अर्थ (भौतिक समृद्धि), काम (वैध इच्छा) और मोक्ष (मुक्ति)। यह आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण है: अधिकांश परम्पराएँ एक या दो में विशेषज्ञ हैं। दत्तात्रेय त्रिमूर्ति के रूप में चारों को समेटते हैं। समकालीन भारत में जहाँ परिवार एक ऐसे देवता की खोज करते हैं जो उनके व्यापारिक सफलता और बच्चों के आध्यात्मिक विकास दोनों को आशीर्वाद दे, सर्वार्थसाधक दत्तात्रेय उत्तर हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant as a comprehensive life-blessing, covering all four purusharthas at once, or when seeking a single divine source that fulfils the complete range of human aspiration.

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