ॐ स्वामिसमर्थस्वरूपाय नमः
स्वामिसमर्थस्वरूपः
Svāmisamarthasvarūpaḥ
Root: svāmi + samartha + svarūpa
अर्थ
The one in the essential form of Swami Samarth, the third great incarnation of Dattatreya at Akkalkot
स्वामी समर्थ के स्वरूप में, अक्कलकोट में दत्तात्रेय के तृतीय महान अवतार
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
स्वामी
master, lord
स्वामी, प्रभु
समर्थ
capable, all-powerful
सर्वसमर्थ, शक्तिशाली
स्वरूप
essential form, true nature
स्वरूप, वास्तविक रूप
आधुनिक संदर्भ
स्वामिसमर्थस्वरूप अक्कलकोट के स्वामी समर्थ को दत्तात्रेय की प्रत्यक्ष परम्परा में स्थान देता है। स्वामी समर्थ लगभग 1856 से 1878 ई. तक महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में अक्कलकोट में रहे। वे दत्तात्रेय के तीन प्रमुख ऐतिहासिक अवतारों में तीसरे और सबसे हाल ही में सक्रिय हैं। अक्कलकोट आज एक प्रमुख तीर्थ गन्तव्य है जो साप्ताहिक हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। स्वामी समर्थ महाराज मन्दिर महाराष्ट्र के सबसे अधिक देखे जाने वाले मन्दिरों में से एक है।
कब जपें
ॐChant at Akkalkot in Solapur district, Maharashtra, the seat of Swami Samarth, or during Thursday worship in any Datta Sampradaya household.
और शक्ति नाम
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