ॐ तपोनिधये नमः
तपोनिधिः
Taponidhiḥ
Root: tapas + nidhi
अर्थ
The treasure-house of spiritual austerity, the inexhaustible storehouse of all tapas accumulated across all time
आध्यात्मिक तपस्या के खजाने, समस्त काल में संचित सम्पूर्ण तपस के अक्षय भण्डार
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
तपस्
austerity, spiritual heat
तपस्, आध्यात्मिक ऊष्मा
निधि
treasure, storehouse
निधि, खजाना
आधुनिक संदर्भ
तपोनिधि दत्तात्रेय को तपस के खजाने के रूप में नाम देता है। तपस का शाब्दिक अर्थ 'ऊष्मा' है: यह आध्यात्मिक अनुशासन की परिवर्तनकारी अग्नि है जो अशुद्धियों को जलाती है और आध्यात्मिक शक्ति उत्पन्न करती है। अनसूया और अत्रि का तपस इतना अपार था कि त्रिमूर्ति को आकर्षित किया: दत्तात्रेय तपस से जन्मे। इसलिए वे स्वयं उस आदि तपस की जीवन्त निधि हैं, एक अक्षय खजाना। प्रयागराज में कुम्भ मेले में, वर्षभर अत्यन्त तपस्या करने वाले हिमालयी साधुओं में और जमाने वाली सर्दियों में समाधि में खड़े दिगम्बर जैन मुनियों में तपस परम्पराएँ जीवित हैं।
कब जपें
ॐChant before intense sadhana or Chaturmas vrat, when undertaking any prolonged austerity, or to invoke the tapas-shakti needed for spiritual breakthrough.
और शक्ति नाम
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