ॐ सोमपायिने नमः
सोमपायी
Somapāyī
Root: soma + pāyin
अर्थ
The drinker of Soma, who partakes of the sacred Vedic drink of immortality and divine bliss in the celestial sacrificial rites
सोमपायी, जो स्वर्गीय यज्ञिक अनुष्ठानों में अमृत और दिव्य आनन्द का पवित्र वैदिक पेय ग्रहण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सोम
the sacred Vedic soma juice, the moon
सोम, पवित्र वैदिक सोम रस
पायी
drinker
पीने वाले
आधुनिक संदर्भ
सोमपायी दत्तात्रेय को सबसे प्राचीन वैदिक यज्ञ परम्परा से जोड़ता है। सोम, ऋग्वेद का पवित्र पौधा-आधारित अनुष्ठानिक पेय, वैदिक सोम-यज्ञों में केन्द्रीय अर्पण था। दत्त-नाथ परम्परा में 'सोम' को प्रतीकात्मक रूप से उस जागरूकता-अमृत के रूप में व्याख्यायित किया जाता है जो सहस्रार चक्र के सक्रिय होने पर बहता है। सोमपायी के रूप में दत्तात्रेय शिव की चेतना के चन्द्र-अमृत पीते हैं।
कब जपें
ॐChant during Somayajna or other Vedic rituals involving the soma offering, connecting Dattatreya's participation in the most ancient Vedic sacrificial tradition.
और भक्ति नाम
← → arrow keys to navigate