Skip to main content
533

ॐ त्रिमूर्तये नमः

त्रिमूर्तिः

Trimūrtaye

Root: tri + mūrti

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The triple form, whose unique divine body visibly embodies the three cosmic functions as three faces of one indivisible consciousness

त्रिमूर्ति, जिनका अद्वितीय दिव्य शरीर तीन ब्रह्माण्डीय कार्यों को एक अविभाज्य चेतना के तीन मुखों के रूप में दृश्यमान रूप से मूर्त रूप देता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

त्रि

three

तीन

मूर्ति

form, embodiment

मूर्ति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

त्रिमूर्तये दत्तात्रेय को स्पष्ट रूप से त्रिमूर्ति नाम देता है: त्रि-रूप देवता। शिव, विष्णु और ब्रह्मा के रूप में व्यक्तिगत रूप से नाम देने के बाद (नाम 523-530), यह नाम तीनों को उनकी एकता में वापस संश्लेषित करता है। त्रिमूर्ति दत्तात्रेय का सबसे अद्वितीय धर्मशास्त्रीय योगदान है: यह पहचान कि तीन ब्रह्माण्डीय कार्य तीन अलग-अलग देवताओं द्वारा नहीं बल्कि एक अविभाजित चेतना द्वारा किए जाते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant as the definitive declaration of Dattatreya's unique theological identity: the visible triple-form that no other deity offers.

← → arrow keys to navigate