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ॐ सर्वेश्वरप्रियाय नमः

सर्वेश्वरप्रियः

Sarveśvarapriyaḥ

Root: sarva + īśvara + priya

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The beloved of all lords, who is dear to every divine sovereign across all traditions and every cosmic realm

सभी ईश्वरों के प्रिय, जो सभी परम्पराओं और सभी ब्रह्माण्डीय लोकों में हर दिव्य अधिपति के प्रिय हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all

सब

ईश्वर

lord, divine sovereign

ईश्वर

प्रिय

beloved, dear

प्रिय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वेश्वरप्रिय दत्तात्रेय को सभी ईश्वरों (सर्व-ईश्वरों) के प्रिय नाम देता है। यह उन्हें उच्चतम सम्भव स्थिति में स्थापित करता है: न केवल सभी प्राणियों के प्रभु बल्कि वह जिन्हें हर अन्य प्रभु प्रिय मानता है। इन्द्र, वरुण, यम, कुबेर और सभी ब्रह्माण्डीय प्रभु दत्तात्रेय की श्रेष्ठता को उन्हें अपना प्रिय बनाकर स्वीकार करते हैं। यह बताता है कि हर हिन्दू परम्परा के भक्त दत्तात्रेय के पास जाना स्वाभाविक क्यों पाते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when recognising that Dattatreya's acceptance by all divine lords is the theological foundation for the Datta tradition's universality.

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